Hazaribagh(Sunil Sahu) : बड़ा दुख होता है यह जान सुन कि मेरे जवान बेटे के हत्यारों को तथाकथित कुछ पुलिसवाले बचाने में जूते हैं। यह सही है कि कुछ लोगों को जेल जरूर भेजा गया, पर दबंग और रसूखदार हत्यारों पर पुलिस मेहरबान है। सुपरविजन तक से उनके नाम हटा दिये गये हैं। अगर यही हाल रहा है और मुझे इंसाफ नहीं मिला तो पुलिस मुख्यालय के बाहर खुद को जिंदा जलाकर आत्मदाह कर लूंगा। ऐसा नहीं है कि पुलिस को हत्यारों के नाम और ठिकानों के बारे में कुछ पता नहीं, उन्हें सबकुछ पता है। लेकिन न जाने क्यों खामोश है। यह दुखड़ा बताते हुये शिवपुरी के रिटायर्ड रेंजर तीतू मंडल ट्रेनिंग आईजी विजया लक्ष्मी के सामने फफक कर रोने लगे। मौका था हजारीबाग में लगे जन शिकायत समाधान कैंप का। IG ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके साथ जस्टिस होगा। वहीं हजारीबाग के SP ने कहा कि बीते अक्टूबर में लगे जनता दरबार में लगभग साढ़े 400 के करीब मामले आयें, जिनमें से 393 का अविलंब निपटारा कर दिया गया। सुनें क्या बोले रिटायर्ड रेंजर और SP और अन्य
इसे भी पढ़ें :‘जस्टिस इज ड्यू’ लिख रुखसत हो गया AI इंजीनियर
इसे भी पढ़ें :ए’क्सीडेंट के बाद खुद अस्पताल लेकर पहुंचे CM
इसे भी पढ़ें :उग्रवादी के घर डुगडुगी बजा गई पुलिस… जानें क्यों
इसे भी पढ़ें :इस दिन हजारों की संख्या में पहुंचेंगे रांची… जानें कौन-क्यों
इसे भी पढ़ें :ए’क्सीडेंट के बाद खुद अस्पताल लेकर पहुंचे CM
इसे भी पढ़ें :उग्रवादी के घर डुगडुगी बजा गई पुलिस… जानें क्यों




