Simdega : जंगल-पहाड़ियों से घिरे सिमडेगा के बानो प्रखंड के मारीकेल बाटी दरी गांव में रहनेवाली सुमंती बागे बीते दो दिन से प्रसव पीड़ा में तड़प रही थीं। गांव तक कोई सड़क नहीं, ना ही एंबुलेंस की कोई उम्मीद। फिर, गांव वालों ने मिलकर ‘खाट’ को एंबुलेंस बना दिया। मुखिया लूथर भुइंया और समाजसेवी महेश सिंह ने गांव वालों के साथ मिलकर सुमंती को 2 किलोमीटर तक खाट पर लिटाकर पैदल चलाया। जहां पक्की सड़क मिली, वहीं से महेश सिंह ने अपनी कार को एंबुलेंस बना दिया। सुमंती को समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया। अब जज्चा-बच्चा दोनों सही सलामत है। मुखिया ने मीडिया से कहा, “हम भी भारतवासी हैं, क्या हमारी बहनों का सड़क पर हक नहीं?” जिला प्रशासन हरकत में आया है। DC कंचन सिंह ने सड़क और चिकित्सा व्यवस्था के सुधार के आदेश दिये हैं।
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