Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा जिला मुख्यालय समेत अनुमंडलीय न्यायालयों में वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित होगी। तैयारियों को लेकर व्यवहार न्यायालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, जहां न्यायपालिका और प्रशासन एक साथ दिखाई दिये। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह DLSA अध्यक्ष मनोज प्रसाद ने कहा, लोक अदालत सिर्फ अदालत नहीं, यह लोगों के दिलों में वर्षों से पल रहे विवादों को खत्म करने का अवसर है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और झालसा के निर्देशानुसार लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया जायेगा। लोक अदालत का फैसला अंतिम होता है, इसमें अपील नहीं होती, यानी एक बार समझौता, तो झगड़ा हमेशा के लिए खत्म। वहीं, समझौता होते ही जमा की गई कोर्ट फीस भी वापस मिलती है।
गढ़वा के DC सह DLSA उपाध्यक्ष दिनेश कुमार यादव ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन पूरी ताकत से सहयोग करेगा।
राजस्व, बैंक ऋण और अन्य विभागों के मामलों के लिये विशेष शिविर लगाये जायेंगे। ताकि आम आदमी को दफ्तर-दफ्तर भटकना न पड़े। DLSA सचिव निभा रंजना लकड़ा ने बताया कि लोक अदालत में आपराधिक शमनीय मामले, चेक बाउंस (NI एक्ट) व बैंक रिकवरी केस, मोटर दुर्घटना दावा (MACT), श्रम विवाद, बिजली-पानी बिल बकाया, वैवाहिक विवाद (तलाक को छोड़कर) व भरण-पोषण, राजस्व व अन्य दीवानी मामले को प्राथमिकता मिलेगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने नागरिकों से अपील की है कि अगर आपका मामला कोर्ट में लंबित है या आप मुकदमेबाजी से बचना चाहते हैं, तो अभी से आवेदन करें।








