Garhwa(Nityanand Dubey) : एक बार फिर मध्यस्थता केंद्र ने वैवाहिक रिश्ते में नई रोशनी जगाई। सुप्रिया कुमारी और विद्यापति राम, जो आपसी विवाद के कारण अलग रह रहे थे, मध्यस्थता के बाद फिर साथ रहने को तैयार हो गए। अब सात माह के बेटे को पिता का साया और मां को घर की खुशियां वापस मिलेंगी।
2024 में हुई थी शादी, फिर आई दरार
गढ़वा थाना क्षेत्र के लगमा निवासी विद्यापति राम का विवाह 2024 में उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की सुप्रिया कुमारी से हुआ था। कुछ समय बाद दांपत्य जीवन में तनाव बढ़ा और सुप्रिया अपने मायके रहने लगी। इस दौरान उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया। पति विद्यापति राम ने कुटुंब न्यायालय, गढ़वा में सुप्रिया की विदाई के लिए वाद दाखिल किया। प्रधान न्यायाधीश ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुये इसे मध्यस्थता केंद्र भेजा। अनुभवी मध्यस्थ राकेश कुमार त्रिपाठी ने दोनों पक्षों से लंबी बातचीत कर समझौता कराया। समझौते के अनुसार, पति 12 फरवरी को पत्नी को विदा करेंगे और 13 फरवरी को दोनों अपने सात माह के बेटे के साथ घर लौटेंगे। दोनों ने न्यायालय और परिजनों के सामने आपसी सहमति से जीवन को फिर से साथ चलाने का वादा किया।
मध्यस्थता से रिश्तों में मिठास
डालसा सचिव रंजन लकड़ा ने बताया कि मध्यस्थता केंद्र के माध्यम से रोजाना कई जटिल पारिवारिक और दीवानी मामलों का समाधान हो रहा है। यह प्रक्रिया न केवल समय और पैसा बचाती है, बल्कि रिश्तों में आई कड़वाहट को भी दूर करती है।








