Ranchi : झारखंड में नगर निकाय चुनाव–2026 की सरगर्मी के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी खर्च को लेकर बड़ा और सख्त फैसला सुना दिया है। अब चुनावी मैदान में उतरने वाले प्रत्याशी एक लाख से लेकर 25 लाख रुपये तक ही खर्च कर सकेंगे। मकसद साफ है कि चुनाव को पारदर्शी बनाना और धनबल पर नकेल कसना। आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत, तीनों के लिये अलग-अलग खर्च सीमा तय की गई है। यह सीमा जनगणना 2011 के आधार पर शहरी निकायों की आबादी को ध्यान में रखकर तय की गई है।
खर्च पर रहेगी कड़ी नजर
राज्य निर्वाचन आयोग ने दो टूक कहा है कि चुनावी खर्च की सख्त निगरानी होगी। हर प्रत्याशी को पूरा खर्च ब्योरा तय समय में जमा करना होगा। सीमा से अधिक खर्च मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई तय है। 23 फरवरी को मतदान और 27 फरवरी को मतगणना और उसी दिन नतीजों की उम्मीद है।
कहां, कितना खर्च कर पायेंगे कैंडिडेट
नगर निगम
- आबादी 10 लाख या उससे अधिकः मेयर: 25 लाख रुपये। वार्ड पार्षद: 5 लाख रुपये।
- आबादी 10 लाख से कमः मेयर: 15 लाख रुपये। वार्ड पार्षद: 3 लाख रुपये।
नगर परिषद
- आबादी 1 लाख या उससे अधिकः अध्यक्ष: 10 लाख रुपये। वार्ड पार्षद: 2 लाख रुपये।
- आबादी 1 लाख से कमः अध्यक्ष: 6 लाख रुपये। वार्ड पार्षद: 1.5 लाख रुपये।
नगर पंचायत
- आबादी 12 हजार से अधिक और 40 हजार से कमः अध्यक्ष: 5 लाख रुपये। वार्ड पार्षद: 1 लाख रुपये।
खर्च की अधिकतम सीमा
| स्थानीय शहरी निकाय | जनसंख्या (जनगणना 2011) | मेयर/अध्यक्ष | वार्ड पार्षद |
|---|---|---|---|
| नगर निगम | 10 लाख व उससे अधिक | 25 लाख | 5 लाख |
| नगर निगम | 10 लाख से कम | 15 लाख | 3 लाख |
| नगर परिषद | 1 लाख व उससे अधिक | 10 लाख | 2 लाख |
| नगर परिषद | 1 लाख से कम | 6 लाख | 1.5 लाख |
| नगर पंचायत | 12–40 हजार | 5 लाख | 1 लाख |








