UP : सऊदी अरब से लौटे छह परदेशी की किडनैपिंग नहीं होता तो बड़ा राज छुप गया होता। पकड़े गये किडनैपरों ने पुलिस को बताया कि उन्हें पक्की जानकारी है कि अरब से लौटे लोग तस्कर हैं और उनके पेट में सोना है। इस वजह से उनका अपहरण किया गया। इसके बाद पुलिस ने बदमाशों के चंगुल से सही-सलामत छुड़ाये गये लोगों का अल्ट्रासाउंड करवाया। शुरू में डॉक्टर ने भी पुलिस को गुमराह कर दिया कि पेट के अंदर कोई सोना नहीं है। इसके बाद पुलिस ने प्राइवेट में पुनः अल्ट्रासाउंड करवाया, तब राज खुला कि उनके पेट के अंदर सोने के कैप्सूल है। एक-एक कर कुल 29 सोने के कैप्सूल निकाले गये। वहीं परिजन लगातार पुलिस पर यह दवाब बना रहे थे कि उन्हें कोई केस-मुकदमा में नहीं फंसना। उनके घरवालों को छोड़ दिया जाये, पर पुलिस ने बिना अल्ट्रासाउंड कराये उन्हें नहीं छोड़ा। जैसे ही ये राज बेनकाब हुआ, मौके से सारे नाते-रिश्तेदार भाग निकले।

गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को दिल्ली से टांडा जा रही एक कार में सवार छह लोगों का अपहरण कर लिया गया था। दो कार सवार बदमाशों ने खुद को पुलिस बताया, हथियार निकाले और सभी को उठा ले गये मूंढापांडे के रौंडा जंगल में। उन्हें पता था, इन लोगों के पेट में “सोना” है। अब ये बदमाश पेट चीरने को तैयार थे। लेकिन ड्राइवर जुल्फेकार बदमाशों के चंगुल से भाग निकला। गांव में पहुंचा, शोर मचाया और पुलिस हरकत में आ गई। जंगल घेरा गया, गोलियां चलीं, बदमाश तौफीक और राजा के पैरों में गोली लगी। बाकी चार अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। पुलिस ने जब बदमाशों से पूछा, “क्यों किया अपहरण?” जवाब मिला, “हम जानते थे, इनके पेट में अरब से लाया गया सोना है।” पुलिस ने रातभर उन छह लोगों को निगरानी में रखा। परिजन गिड़गिड़ाते रहे, “हमें कोई कार्रवाई नहीं चाहिये।” लेकिन पुलिस नहीं मानी। शनिवार को जब अल्ट्रासाउंड हुआ, तो पता चला – चारों के पेट में सोना है। खबर लिखे जाने तक 29 कैप्सूल निकाले जा चुके थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मूंढापांडे सीएचसी के डॉक्टर ने पहले इनकार किया, “पेट में सोना नहीं है” पुलिस ने दबाव डाला और निजी लैब में टेस्ट कराया सच बाहर आ गया और डॉक्टर पर शक गहरा गया।













