Patna : राजधानी पटना के हाई-प्रोफाइल पारस अस्पताल में दिनदहाड़े कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा की हत्या ने बिहार पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। घटना के बाद जांच में शास्त्रीनगर थाने के पांच पुलिसकर्मी लापरवाह पाये गये, जिन्हें SSP ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बीते 17 जुलाई को हुई इस घटना में 6 अपराधी पारस अस्पताल में दाखिल हुये, आराम से चंदन मिश्रा के कमरे में घुसे और 36 गोलियां दागकर उसकी हत्या कर फरार हो गये। CCTV फुटेज में अपराधियों की एंट्री, फायरिंग और बाइक से भागने तक की तस्वीरें कैद हैं। फिर भी पुलिस एक भी आरोपी को अब तक नहीं पकड़ सकी। शुरुआत में गोली की संख्या 4 बताई जा रही थी, लेकिन अब साफ हो चुका है कि चंदन मिश्रा को कुल 36 गोलियां मारी गईं। मृतक के करीबियों ने बताया कि कंधे से लेकर पैर तक अपराधियों ने गोलियां बरसाईं, ताकि उसका बचना नामुमकिन हो जाए। यह वारदात पूरी तरह फिल्मी अंदाज़ में की गई।
विपक्ष ने उठाये सवाल, तेजस्वी ने कसा तंज
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सवाल किया है कि जब घटना के CCTV फुटेज तक सामने आ चुके हैं, तब भी अपराधी आराम से कैसे फरार हो गए? उन्होंने पूछा, “मुख्यालय और एयरपोर्ट से कुछ दूरी पर हुए इस हत्याकांड के बावजूद पुलिस क्या कर रही थी?”











