Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा की अदालत शनिवार को न्याय और समझौते की अनोखी मिसाल बनी। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गढ़वा की ओर से विशेष लोक अदालत सह मासिक लोक अदालत का आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कौशल किशोर झा के मार्गदर्शन में हुई इस अदालत ने उन चेहरों पर मुस्कान लौटाई, जिनकी जिंदगी लंबे समय से न्याय की चौखट पर अटकी थी। त्वरित निपटारे के लिये कुल 7 पीठों का गठन किया गया। नगर अनुमंडल व्यवहार न्यायालय भी इसमें शामिल रहा। पीठों में जिले के वरिष्ठ न्यायिक पदाधिकारी और अधिवक्ता शामिल हुये। एक ही दिन में अदालत ने 205 मामलों का निपटारा कर दिया। इनमें, 45 आपराधिक मामले, 82 बिजली विभाग से जुड़े विवाद, 15 भू-राजस्व विवाद, 7 मोटर वाहन दावा न्यायाधिकरण के केस एवं 48 वैवाहिक मामले थे। इन सभी मामलों से 47,76,650 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
लोक अदालत बना उम्मीद का दरबार
वैवाहिक विवादों में बिखरे रिश्ते सुलह से फिर से जुड़ गये, राजस्व मामलों में पुरानी गांठें खुल गईं, और पीड़ित पक्षकारों ने राहत की सांस ली। अदालत कक्षों से निकले कई चेहरे बताये, “न्याय सिर्फ फैसले का नाम नहीं, बल्कि सुकून और नई शुरुआत का नाम है।”












