Delhi : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को दिल्ली पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले। इस मुलाकात के बाद लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा ऐसे समय हुआ है, जब उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। यही वजह है कि योगी की दिल्ली यात्रा को महज एक औपचारिक दौरे के तौर पर नहीं देखा जा रहा। प्रधानमंत्री के साथ उनकी मुलाकात को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठनात्मक रणनीति और राज्य की राजनीतिक दिशा से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, फिलहाल बैठक के एजेंडे को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
UP में चुनावी मौसम की आहट
उत्तर प्रदेश की सियासत में चुनाव भले ही अगले साल हों, लेकिन उसकी आहट अभी से सुनाई देने लगी है। लगातार दूसरी बार सरकार बनाने के बाद अब सत्ता पक्ष के सामने अगले विधानसभा चुनाव में अपनी पकड़ कायम रखने की चुनौती है।चुनावी तैयारियों से लेकर सरकार और संगठन के बीच तालमेल तक, कई मुद्दे इस संवाद का हिस्सा हो सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुलाकात को लेकर सियासी हलकों में कई तरह की चर्चाएं हैं। दोनों नेताओं के बीच होने वाली बातचीत को उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य की राजनीति में केंद्रीय नेतृत्व और मुख्यमंत्री के बीच बेहतर समन्वय को हमेशा अहम माना गया है। फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है।















