RANCHI : झारखंड की राजधानी रांची के सफायर इंटरनेशनल स्कूल में विश्व संगीत दिवस पर वर्चुअल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें भाग लेते हुए कक्षा के स्टूडेंट मयंक ने कहा कि संगीत की धुनों को जब हम सुनते हैं,तो कई बार थिरकने लगते हैं। कई बार हमारी आंखें नम हो जाती हैं। संगीत ही है जो हमारे दिलों-दिमाग को तरोताजा कर देता है।
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अन्य स्टूडेंट्स ने भी रखी अपनी बात
कक्षा 12वीं के छात्र रोहित राज ने भारतीय वाद्य यंत्र की विस्तृत जानकारी पीपीटी के माध्यम से दी। कक्षा नौ के सिद्धांत ने पाश्चात्य संगीत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘आंखें बंद करके सिर हिलाना ही संगीत नहीं है। संगीत वह है जो हमारे मन मस्तिष्क को झूमने पर मजबूर कर दे। कक्षा पांच की हिमांशी ने कहा कि अगर आप सृष्टि को जानना चाहते हैं तो संगीत इसका सर्वोत्तम साधन है।
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गायन, वादन और नृत्य ही संगीत
प्राचार्य अमित सिंह ने कहा कि ‘सुव्यवस्थित ध्वनि जो रस की सृष्टि करे, संगीत कहलाती है। गायन ,वादन व नृत्य तीनों के समावेश को संगीत कहते हैं। संगीत हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण है और यह हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है।
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कार्यक्रम को सफल बनाने में इनका रहा योगदान
कार्यक्रम का आरंभ कक्षा पांच के रित्विक रॉय की प्रार्थना से हुआ। कार्यक्रम का संचालन तथा धन्यवाद ज्ञापन इशिता प्रियदर्शिनी द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सुश्री संचिता विश्वास विभागाध्यक्ष गणित, सुश्री कविता जायसवाल प्राइमरी कोऑर्डिनेटर, सुश्री ऋचा शर्मा गणित अध्यापिका तथा तकनीकी विभाग के अनुराग, अरिजीत तथा विनोद का महत्वपूर्ण योगदान रहा।






