Garhwa(Nityanand Dubey) : झारखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं को और प्रभावी बनाने के लिये सिविल सर्जन कार्यालय में मंगलवार को एक अहम बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने की, वहीं, मुख्य वक्ता के रूप में श्रम अधीक्षक संजय आनंद उपस्थित रहे।
बैठक में निबंधित श्रमिकों को मिलने वाली चिकित्सा सहायता योजनाओं की विस्तार से चर्चा की गई। श्रम अधीक्षक संजय आनंद ने बताया कि चिकित्सा सहायता योजना के तहत किसी श्रमिक को डॉक्टर द्वारा बेड रेस्ट का प्रमाणपत्र मिलने पर अधिकतम 40 दिनों की मजदूरी का भुगतान किया जा सकता है। वहीं, गंभीर बीमारियों की स्थिति में जिला स्तरीय मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा पर श्रमिकों को ढाई लाख रुपये तक की सहायता भी प्रदान की जाती है।
महिला श्रमिकों के लिये विशेष सुविधा
बैठक में महिला श्रमिकों को मिलने वाली मातृत्व सहायता योजना पर भी विशेष चर्चा हुई। श्रम अधीक्षक ने बताया कि पहली दो प्रसव अवस्थाओं में महिला श्रमिकों को 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें। उन्होंने चिकित्सकों से अपील की कि वे इस योजना के अधिकतम लाभ के लिये श्रमिकों को सही जानकारी दें और आवश्यक सहयोग करें। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुये कहा कि श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिये चिकित्सा विभाग हरसंभव प्रयास करेगा। बैठक में जिले के सभी चिकित्सा प्रभारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।






