Ranchi : झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना (JMMSY) आज रांची जिले की हजारों महिलाओं के लिये आर्थिक आजादी और आत्मनिर्भरता का दूसरा नाम बन चुकी है। जहां पहले मुट्ठीभर उम्मीदें थीं, वहां अब हैं आत्मविश्वास से लबरेज कहानियां, अंडा उत्पादन से लेकर बकरी पालन तक। बीते अप्रैल माह में 3051 लाभुक महिलाओं को 1.59 लाख चूजों और 350 लाभुकों को 730 बकरियों का वितरण किया गया। रांची के DC मंजूनाथ भजन्त्री ने साफ कहा, स्वावलंबन की असली चाबी महिलाओं के हाथ में है। अंडा उत्पादन और बकरी पालन से उन्हें खुद के पैरों पर खड़ा करना हमारा लक्ष्य है।
नये झारखंड की नींव
“मंईयां सम्मान योजना” की महिलाएं आज सिर्फ लाभुक नहीं, बल्कि झारखंड के नव-निर्माण की प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं। जहां एक ओर अंडा उत्पादन और बकरी पालन ने घर-घर में आय का स्रोत खोला, वहीं दूसरी ओर अबुआ ग्रुप्स और 100 उद्यमी मिशन ने नये झारखंड की तस्वीर को गढ़ना शुरू कर दिया है। Potential Entrepreneurship Programme के तहत 100 स्थानीय प्रतिभाओं को जिला प्रशासन प्रशिक्षित, पोषित और प्रोत्साहित करेगा। DC ने कहा कि “यह सिर्फ योजना नहीं, झारखंड की युवा और महिला शक्ति का अभिनव आंदोलन है।”
प्रशासन की सख्ती + सहृदयता = स्थायी परिवर्तन
👉 हर प्रखंड स्तर पर मॉनिटरिंग बढ़ी
👉 स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सहिया, पीडीएस दुकानदार, युवाओं और पत्रकारों को जोड़ने के निर्देश
👉 अबुआ ग्रुप्स में कलाकारों को शामिल करने की पहल
👉 शिकायतों के त्वरित निपटारे पर जोर




