Ranchi : “बीवी हमेशा झगड़ा करती थी। कहा भी नहीं मानती थी। यहां तक कि साथ रहना भी नहीं चाहती थी। हम तंग आ गये थे उससे। दो दिन पहले गांव में भोज खाने गई थी। देर से लौटी। टोकने पर लड़ाई-झगड़ा करने लगी। बात बिगड़ गई और मेरे हाथों उसका खून हो गया।” इस बात का खुलासा पत्नीहंता अशोक महतो ने पुलिस को दिये अपने बयान में किया। उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
यहां याद दिला दें कि बीते कल यानी 7 जनवरी को विवाहिता सुनिता कुमारी की नृशंस हत्या कर दी गई थी। उस पर दाउली से वार किया गया था। साथ ही गमछा से गला भी घोंटा गया था। सुनिता के मर्डर के बाद से पति अशोक महतो फरार चल रहा था। सुनिता अपने दो बेटियों और पति के साथ बुंडू के डमारी इलाके में रहती थी।
सुनिता की हत्या की फैली खबर पर इलाके में सनसनी फैल गई। फऐली खबर पुलिस तक पहुंची। इंफॉरमेशन रांची पुलिस कप्तान किशोर कौशल को दी गई। रूरल एसपी नौशाद आलम की देखरेख में टीम गठित कर संदेही गुनहगार को दबोचने का टास्क दिया गया। टीम को लीड करने की जिम्मेदारी बुंडू के एसडीपीओ अजय कुमार को दी गई। गठित टीम ने भाग रहे अशोक महतो को धर लिया। पुलिस ने उसे बुंडू के ताउ मोड़ के पास राहे रोड पर दबोच लिया। उसकी निशानदेही पर वारदात को अंजाम देने में इस्तेमाल किया गया धरदार हथियार, खून के छींटे लगे पहने हुए कपड़े और हरा रंग का चेकदार गमछा बरामद कर लिया। इसी गमछे से सुनिता का गला घोंटा गया था।
इधर मारी गई सुनिता के पिता हरिबोल महतो ने बुंडू थाना में प्राथमिकी दर्ज करवाई। सुनिता के मायके वालों का इल्जाम है कि संदेही गुनहगार पति अशोक महतो उनकी बेटी सुनीता पर माई की जमीन का बंटवारा कर पैसे लाने का दबाव बना रहा था। 6 महीने पहले भी मारपीट कर अपनी बीवी सुनिता का हाथ तोड़ दिया था।
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