कोहराम लाइव डेस्क : World Aids Day हर साल 1 दिसंबर को मनाया जाता है। विश्व एड्स दिवस 2020 का उद्देश्य एचआईवी संक्रमण की वजह से होने वाली बीमारी एड्स के बारे में जागरुकता बढ़ाना है। Aids वर्तमान युग की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। UNICEF की रिपोर्ट के मुताबिक 37.9 मिलियन लोग HIV के शिकार हो चुके हैं। दुनिया में हर दिन 980 बच्चे एचआईवी वायरस से संक्रमित होते हैं, जिनमें से 320 की मौत हो जाती है। साल 1986 में भारत में पहला एड्स का मामला सामने आया था। भारत सरकार द्वारा जारी किए गए आकड़ों के अनुसार भारत में HIV के रोगियों की संख्या लगभग 2.1 मिलियन है।
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World Aids Day का इतिहास
प्रारंभ में विश्व एड्स दिवस को सिर्फ बच्चों और युवाओं से ही जोड़कर देखा जाता था, परन्तु बाद में पता चला कि एचआईवी संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के एड्स ग्लोबल कार्यक्रम में काम करने वाले थॉमस नेट्टर और जेम्स डब्ल्यू ने विश्व एड्स दिवस की कल्पना 1987 में की थी। इसके बाद वर्ष 1988 में 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस के रूप में मनाना शुरू किया गया।
एड्स के लक्षण
- वजन का काफी हद तक काम हो जाना
- लगातार खांसी बने रहना
- बार-बार जुकाम का होना
- बुखार
- सिरदर्द
- थकान
- शरीर पर निशान बनना (फंगल इन्फेक्शन के कारण)
- हैजा
- लसीकाओं में सूजन
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इन 5 तरह के लोगों को हो सकता है एड्स
- एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध
- खून चढ़ाने के दौरान एचआईवी एफेक्टेड ब्लड का उपयोग
- एचआईवी से ग्रसित मां से बच्चे में जा सकता है वायरस
- किसी डॉक्टर द्वारा एक ही सिरिंज का इस्तेमाल बार-बार करना
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वर्ल्ड एड्स डे 2020 की थीम
Hiv.org की वेबसाइट के अनुसार, विश्व एड्स दिवस के लिए इस वर्ष की थीम ‘एंडिंग द एचआईवी / एड्स महामारी: लचीलापन और प्रभाव है। ‘वर्ष 2008 के बाद, प्रत्येक वर्ष की थीम को विश्व एड्स अभियान की ग्लोबल स्टीयरिंग कमेटी द्वारा चुना जाता है। या टैटू की शॉप पर इंफेक्टेड चीजों के इस्तेमाल से।
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