Ranchi : अमन के इस शहर में पत्थर कहां से आये, लगता है लोगों की भीड़ में कोई अपना जरूर है। जब कभी कोई दो लोग लड़ते हैं तो कोई एक मरता है। लेकिन जब दो कौम लड़ते हैं तो इंसानियत मरती है। इंसानियत के दरकते ही परवेज आलम के घर का इकलौता चिराग बुझ गया। लगभग 15 साल के इकलौते बेटे को खोने के बाद मां की हालत बावरी सी हो गई। रो-रो कर उसका बुरा हाल है। वह हर किसी से सिर्फ यह जानना चाहती है कि उसका बेटा किसकी गोली से मारा गया। वहीं पिता का दर्द वही शख्स समझ सकता है जिसके बूढ़े कंधे पर जवान बेटे का जनाजा निकला हो। परवेज का कहना है बीते शुक्रवार की दोपहर साढ़े तीन बजे दोनों बाप-बेटे ठेला गाड़ी में फल बेच रहे थे। तभी उर्दू लाइब्रेरी की तरफ से आ रही भीड़ में मुद्दसिर भी शामिल हो गया। कुछ देर बाद ही लहूलुहान होकर सड़क पर वह गिर पड़ा। उसके सिर में गोली लगी थी। रिम्स में देर रात उसकी सांसों की डोर टूट गई। वहीं मारे गये साहिल के घरवालों का भी बहुत बुरा हाल है।
राजधानी रांची में बवाल, पत्थरबाजी, लाठीचार्ज और फायरिंग के बाद कुछ देर के लिए लगा मानो अपनी रांची को किसी की बुरी नजर लग गई। कुछ दिन पहले ही सलीम ने अपना रक्तदान कर गौरव को बचाया था। हर कोई बिगड़े हालात को कंट्रोल करने में लग गये। हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई की दरियादिली की कई कहानी गढ़ भाईचारगी और सद्भावना की मिसाल कायम करने वाली राजधानी रांची को सुकून में खुरेंच लगाने वाले को रास्ता पकड़ा दिया गया। शायद यही वजह है कि दिल्ली से रांची आये जमीयत उलेमा-ए-हिंद के सचिव हकीमुद्दीन काशमी को हज हाउस कडरु रांची के पास विरोध का सामना करना पड़ा।कुछ लोगों का कहना था कि यहां किसी भी हालत में राजनीति नहीं होने देंगे। मौलाना यहां प्रेस कांफ्रेंस करना चाह रहे थे। उन्होंने तमाम आवाम से शांति बनाये रखने की अपील की। मौके पर बड़ी तादाद में पुलिस बल मौजूद थी। बाद में मौलाना रांची प्रक्षेत्र के डीआजी अनीश गुप्ता से जाकर मिले। रांची में बिगड़े हालात पर चर्चा कर दोषियों के खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई करने की मांग रखी।
इससे पहले रांची के इतिहास में पहली बारशुक्रवार शाम 7 बजे से रोकी गई इंटरनेट सेवा रविवार को भोर में चालू कर दी गई। इंटरनेट बंद होने से करोड़ो का नुकसान हुआ। प्लेन, ट्रेन के टिकट भी ऑनलाइन नहीं कट सके। नतीजा यात्रियों की आवाजाही भी कम रही। राजधानी के 6 थाना इलाकों में धारा 144 बरकरार है। इनमें कोतवाली, हिंदपीढ़ी, लोअर बाजार, चुटिया, डेली मार्केट और डोरंडा थाना इलाका शामिल हैं। इन इलाकों में दिन के एक बजे से पांच बजे तक ही दुकानें खोलने की अनुमति दी गई है। पुलिस मुख्यालय की ओर से 3500 अतिरिक्त फोर्स रांची पुलिस को दिया गया है। रैफ, जैप, एसटीएफ, एटीएस और जिला पुलिस बल इन इलाकों में फ्लैग मार्च कर रही है। जगह-जगह फोर्स को तैनात कर दिया गया है, ताकि उपद्रवियों को दोबारा मौका ना मिले। वहीं अमन-चैन पसंद लोगों ने राजधानी में शांति बनाये रखने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। सीएम हेमंत सोरेन ने पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए दो सदस्यों की टीम बनाई है। जांच टीम में IAS अमिताभ कौशल और ADG अभियान संजय लाटकर को रखा गय़ा है। वहीं गवर्नर रमेश बैस ने ADG लाटकर को तलब कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। शनिवार को डीजीपी नीरज सिन्हा, ADG अभियान संजय लाटकर और आईजी अमोल वेणुकांत होमकर से लेकर पुलिस के कई आला अधिकारियों ने मेन रोड में आकर पूरी स्थिति का जायजा लिया। वहीं रांची के डीसी छवि रंजन और पुलिस कप्तान सुरेंद्र कुमार झा ने जो कुछ कहा, सुनें…
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