Ranchi : बंद कमरे में युवक की लाश फंदे पर लटकती मिली। डेड बॉडी एक प्लास्टिक की रस्सी के सहारे खिड़की से लटक रही थी। लाश बिल्कुल सड़-गल गई थी। युवक की शिनाख्त 38 साल के अनुराग प्रसाद के रूप में की गई। वह 73 साल के बुजुर्ग विजय प्रसाद के घर में एक किरायेदार की हैसियत से रहता था। वह मूल रूप से यूपी के मेरठ का रहने वाला था। परिवार और पत्नी को वहीं छोड़ कर यहां आयुर्वेदिक दवाइयां बेच अपना गुजर-बसर करता था। लाश मिलने की फैली खबर पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची अरगोड़ा पुलिस ने शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं यूडी केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुट गई।
मकान मालिक विजय प्रसाद ने अरगोड़ा पुलिस को दिये अपने बयान में बताया कि अनुराग उनके घर पर गुजरे एक साल से रह रहा था। दिन भर घूम-घूम कर आयुर्वेदिक दवाईयां बेचता और शाम में डेरा वापस आ जाता। बीते 6 अगस्त की शाम अनुराग कमरे के नीचे नजर आया था। उसके बाद वह अपने रूम में चला गया। आज यानी 10 अगस्त को सुबह लगभग 10 बजे तेज बदबू आने लगी। अपने परिवार वालों के साथ घर के तीसरे तल्ले पर गया तो बदबू और तेज हो गई। अनुराग का कमरा अंदर से बंद था। बदबू उसी के कमरे से आ रही थी। काफी आवाज लगाई पर कमरा नहीं खोला गया। फिर अरगोड़ा पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के आने के बाद कमरे का दरवाजा खोलने की कोशिश की गई। जब नहीं खुला तो दरवाजा को तोड़ दिया गया। अंदर जो कुछ देखा सभी को कंपा गया। खिड़की के सहारे लटकी पड़ी थी अनुराग की सड़ी-गली लाश। लाश प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटक रही थी। शव को नीचे उतार पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। वहीं मेरठ में उसके परिवारवालों को खबर कर दी गई। फोन पर अनुराग के चाचा ने पुलिस को बताया कि अनुराग को नशे की लत थी। इस वजह से अक्सर घर में बीवी से कलह होते रहता था। परिवार से अलग होकर वह रांची चला गया। घर पर भी बहुत कम बातचीत करता था।
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