Kohramlive : ये दौर डिजिटल दुनिया का है, जहां मुस्कानें भी स्क्रीन पर जन्म लेती हैं और ठगी भी। वही WhatsApp, जो कभी अपनों के हालचाल पूछने का जरिया था, अब स्कैमर्स का नया ठिकाना बन चुका है। दुनिया के 2 अरब से ज्यादा यूजर्स वाले इस ऐप पर अब ठगों की नजर ऐसी है जैसे शेर अपने शिकार पर टिकाये बैठा हो। अब उनका नया हथियार है, Steganography, यानी तस्वीर में छिपा जहर। जी हां, अब धोखा किसी लिंक या मैसेज में नहीं, बल्कि एक मासूम सी फोटो में छिपा होता है। आपके मोबाइल पर कोई प्यारी सी तस्वीर आती है, और जैसे ही आप उसे खोलते हैं, आपकी निजी दुनिया की दीवारें गिर जाती हैं। पासवर्ड, बैंक डिटेल्स, निजी चैट्स, सब उनके शिकंजे में। कुछ ठग तो इतने शातिर हैं कि फोटो न खोलने पर भी आपको कॉल या मैसेज से बहला-फुसलाकर जाल में खींच लेते हैं। यानी जाल बुना गया है, बस आपकी एक क्लिक का इंतजार है।
इसलिए याद रखिये अनजान नंबर से आई फोटो या लिंक कभी न खोलें। WhatsApp और मोबाइल को अपडेट रखें। टू-स्टेप वेरिफिकेशन और एंटीवायरस ज़रूर लगायें। सिर्फ भरोसेमंद ऐप स्टोर से ऐप डाउनलोड करें। क्योंकि इस डिजिटल जंगल में सुरक्षा ही सबसे बड़ा कवच है। एक लापरवाही आपकी दुनिया उजाड़ सकती है।
अलर्ट रहें, क्योंकि अब धोखा मुस्कुराती तस्वीरों में भी छिपा है।






