MP : ग्वालियर के एक युवक ने सपने देखे थे, घर बसाने के, नई जिंदगी शुरू करने के, दुल्हन को अपने आंगन लाने के। शादी हुई, बैंड-बाजा बजा, रिश्तेदार आये, घर में खुशियां उतरीं, लेकिन किसी को क्या पता था कि दुल्हन के चेहरे पर सजी मुस्कान के पीछे एक खतरनाक साजिश पल रही है। और फिर सिर्फ तीन दिन बाद एक मोबाइल की स्क्रीन ने पूरी कहानी बदल दी।
जिसे भाई बताया गया, वही निकला पति
ग्वालियर के रतन शर्मा नामक युवक को शादी के नाम पर ठगने की पूरी साजिश रची गई। रतन शर्मा, जो जबलपुर के एक निजी अस्पताल में टीम लीडर के पद पर काम करते हैं, उनकी शादी राधा उर्फ दीक्षा मुदगल से कराई गई थी। शादी के बाद रतन को पत्नी की गतिविधियां अजीब लगने लगीं। वह अक्सर मोबाइल पर छिपकर बातें करती थी। शक बढ़ा तो एक रात रतन ने पत्नी का मोबाइल चेक किया। फिर जो सामने आया, उसने उसके पैरों तले जमीन खिसका दी। मोबाइल में अजय चौहान उर्फ सोनू चौहान के साथ निजी चैट थी और बातचीत किसी भाई-बहन की नहीं, बल्कि पति-पत्नी जैसी थी। तभी रतन को समझ आया कि जिसे अब तक “मुंहबोला भाई” बताया जा रहा था, वह असल में दुल्हन का पति है।
पहली पत्नी के दबाव के बाद शुरू हुआ धोखे का खेल
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि अजय चौहान और राधा उर्फ दीक्षा ने वर्ष 2024 में आगरा के आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया था। अजय पहले से शादीशुदा था। उसकी पहली पत्नी और बच्चे भी हैं। जब पहली पत्नी को दूसरी शादी की जानकारी मिली और उसने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी, तब पूरे परिवार ने मिलकर नया खेल रचा। योजना बनाई गई कि दीक्षा की शादी किसी दूसरे युवक से करा दी जाये, ताकि पहली पत्नी शांत हो जाये और बाद में नये युवक को फंसाकर पैसे ऐंठे जा सकें।
दहेज और घरेलू हिंसा के झूठे केस की थी प्लानिंग
आरोपियों ने रतन शर्मा से सहानुभूति हासिल करने के लिये दीक्षा को गरीब और अनाथ बताया। शादी से पहले ब्यूटी पार्लर, रिटर्न गिफ्ट एवं अन्य तैयारियों के नाम पर 50 हजार रुपये नकद लिये गये। शादी में करीब 6 लाख रुपये खर्च कराये गये। पुलिस के मुताबिक योजना यह थी कि कुछ महीने बाद दुल्हन घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करायेगी, फिर समझौते के नाम पर लाखों रुपये वसूले जायेंगे। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने अजय चौहान और राधा उर्फ दीक्षा को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, फरार माया देवी, शिल्पी परमार, राघवेंद्र परमार, सत्येंद्र चौहान एवं सोनू तिवारी को खोज रही है। पुलिस टीम आगरा और मुरैना समेत कई जगहों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह पहले भी कई युवकों को इसी तरह शादी के नाम पर ठग चुका है। अब पुराने मामलों की फाइलें खंगाली जा रही हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि कितने लोग इस “लुटेरी दुल्हन गैंग” का शिकार बने।
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