Palamu (Santosh Srivastav) : 11 से ज्यादा मर्डर, पुलिस पर हमला, आगजनी और किसी का भी गला काटने में माहिर समझे जाने वाले मोस्ट वांटेड माओवादी राम प्रसाद यादव उर्फ भंडारी उर्फ सुखाड़ी को पलामू पुलिस ने धर लिया। भंडारी सामाजिक और सांस्कृतिक जगत से भी जुड़ गया था। उसकी क्रियाविधि से ज्यादातर लोग अनजान थे। खूंखार माओवादी भंडारी पर 5 लाख रुपये का इनाम था। उसने पुलिस के सामने कई राज उगले हैं। उसके खिलाफ झारखंड और बिहार में करीब 62 संगीन जुर्म दर्ज है। वह लंबे अर्से से फरार था।
वर्ष 2009 में पलामू के सरईडीह में एक कांग्रेस नेता रंजीत सिंह और उसके पूरे परिवार को जिंदा जला देने के बाद भंडारी का नाम एक आतंक के रूप में उभरा था। उसका नाम सुनते ही उसके इलाके के लोग कांप उठते थे। धरे गये भंडारी के पास से 45 हजार रुपये भी मिले हैं। भंडारी द्वारा दिये गये इकबालिया बयान पर पुलिस ने उसके खासमखास कृष्णा यादव, परिखा यादव, लालो यादव और रामयाद यादव को गिरफ्तार किया है। करीब 22 सालों से राम प्रसाद यादव नक्सली संगठन से जुड़ा था, वह कभी पकड़ा नहीं गया था। झारखंड-बिहार सीमा पर मौजूद छकरबंधा के इलाके में सुरक्षाबलों के एक्टिव होने के बाद से वह पलामू में ही छुप कर रह रहा था। पलामू के पुलिस कप्तान चंदन सिन्हा को मिली एक गुप्त सूचना पर गठित स्पेशल टीम को यह कामयाबी मिली। टीम का नेतृत्व छतरपुर के SDPO अजय कुमार कर रहे थे। टीम में छतरपुर के इंस्पेक्टर वीर सिंह मुंडा, थानेदार शेखर कुमार, हरिहरगंज के थानेदार सुदामा दास एवं नौडीहा के थानेदार रंजीत कुमार शामिल थे।
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