कोरोना संक्रमित मरीज के लिए वेंटिलेटर एक संजीवनी की तरह है.लेकिन उसे कचरा गाड़ी में लाया गया.

कांग्रेस की गुजरात इकाई के नेता जुबैर पटेल ने एक ट्वीट में दावा किया है कि वेंटिलेटर्स को कचरा ढोने वाली गाड़ी से सूरत के अस्पताल तक ट्रांजिट किया गया. जुबैर ने लिखा- #GujaratModel की सरकार क्या ऐसे #COVID19 से जनता को बचा पाएगी? वलसाड से सूरत वेंटिलेटर को कचरे की गाड़ी में भेजा जा रहा है! गुजरात सरकार का हेल्थ डिपार्टमेंट खुद वेंटिलेटर पर है इसकी गवाही देता ये फोटो है! क्या सरकार जनता को कोरोना से बचाने में सक्षम है? बिल्कुल नही.
#GujaratModel की सरकार क्या ऐसे #COVID19 से जनता को बचा पाएगी ?
वलसाड से सूरत वेंटिलेटर को कचरे की गाड़ी में भेजा जा रहा है !????
गुजरात सरकार का हेल्थ डिपार्टमेंट खुद वेंटिलेटर पर है इस कि गवाही देता ये फोटो है !
क्या सरकार जनता को कोरोना से बचाने में सक्षम है ? बिल्कुल नही pic.twitter.com/sAdiTs9a53
— ???????????????????? ???????????????????? ज़ुबैर पटेल (@1Patelzuber) April 5, 2021

दो कचरा ट्रकों में वेंटिलेटर लाने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं. फ़ोटो वायरल होने के बाद, लोग पूछ रहे हैं कि सूरत नगर निगम के अधिकारी ऐसे कचरे के ट्रक में लाखों के वेंटिलेटर लाकर क्या साबित करना चाहते हैं?

लोगों का कहना है कि एक मरीज के लिए यह शर्म की बात है कि इन जीवन रक्षक वेंटिलेटर मशीनों को ऐसे कचरा ट्रक में लाया गया है.

तस्वीरें और वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों में काफी गुस्सा है. दूसरी ओर जिस तरह से टेंपो भरकर वेंटिलेटर लाया जा रहा था, उससे भी मशीन को नुकसान पहुंचने की आशंका थी.

मामला सामने आने के बाद वलसाड कलेक्टर ने वलसाड से ऐसे वेंटिलेटर भेजने की जांच के आदेश दिए हैं. आदेश में कहा गया है कि संबंधित घटना के बारे में पूरी रिपोर्ट पेश करें.







