- आ चुकी है नयी व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी
कोहराम लाइव डेस्क : अब लोग अपनी निजी गाड़ियां 20 साल और व्यावसायिक वाहन 15 साल के बाद सड़कों पर नहीं उतर सकेंगे। यह ऑटो सेक्टर के लिए अत्यंत पॉजिटिव बात है। नयी व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी के जरिये ऑटो सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। 15 साल से अधिक पुराने हो चुके वाहनों पर यह पॉलिसी लागू होगी। इस पॉलिसी के आने से भारत ऑटोमोबाइल सेक्टर का बड़ा केंद्र बन सकता है और वाहनों की कीमतों में भी गिरावट आएगी।
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2020 में ऑटो सेक्टर में आर्थिक मंदी
उल्लेखनीय है कि ऑटो सेक्टर के लिए 2020 बेहद निराशाजनक रहा। साल 2020 की शुरुआत में ही ऑटो सेक्टर को आर्थिक मंदी से जूझना पड़ा था। इसके बाद कोरोना महामारी और लॉकडाउन ने बची हुई कसर पूरी कर दी। कोरोना महामारी की वजह से पूरे देश में लॉकडाउन लगाया गया, जिसमें पूरे देश के साथ आर्थिक गतिविधियां भी बंद हो गईं। ऐसे में ऑटो सेक्टर को भी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बंद करनी पड़ीं। इसका सीधा असर ऑटो सेक्टर में मांग और आपूर्ति पर पड़ा। इससे ऑटो सेक्टर 2020 के शुरू में हुई आर्थिक मंदी से नहीं उबर सका।
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एक्सपोर्ट 18.87 प्रतिशत गिरा
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) की ओर से जारी आंकड़ों की मानें तो 2020 में भारत का ऑटोमोबाइल एक्सपोर्ट 18.87 प्रतिशत गिरा। जनवरी-दिसंबर 2020 के दौरान वाहनों का कुल एक्सपोर्ट 38,65,138 यूनिट रहा, जो 2019 में 47,63,960 यूनिट रहा था। इस वजह से ऑटो सेक्टर में बड़ी तादाद में नौकरियां गईं। ऐसे में ऑटो सेक्टर 2021 के बजट से बड़ी उम्मीदें हैं।
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