Kohramlive : UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) ने अपने शताब्दी वर्ष की शुरुआत एक नई सुबह के साथ की। चेयरमैन डॉ. अजय कुमार ने आज शाम आयोग का नया लोगो जारी किया। यह क्षण और भी खास बना जब पहली बार सिविल सेवा अभ्यर्थियों के साथ वर्चुअल टाउनहॉल का आयोजन हुआ। लोगों के केंद्र में राष्ट्रीय प्रतीक – राष्ट्र की सेवा और अधिकार का दर्पण। चारों ओर बरगद के पत्तों की माला – ज्ञान और धैर्य का प्रतीक। नीचे अंकित – “संग लोक सेवा” – आयोग की कर्तव्यनिष्ठा और जिम्मेदारी का संदेश। तरंगाकार डिजाइन – सौ साल की प्रगतिशील और दृढ़ यात्रा का प्रतीक। “100” के भीतर UPSC का प्रतीक – भारत की प्रशासनिक यात्रा में आयोग की केंद्रीय भूमिका का परिचय।
UPSC ने इस अवसर पर एक अनोखी पहल भी शुरू की है –
- “My UPSC Interview: From Dream to Reality”।
- पोर्टल: innovateindia.mygov.in/upsc
- सेवानिवृत्त और वर्तमान सिविल सेवकों को अपने इंटरव्यू अनुभव साझा करने का निमंत्रण।
- अंतिम तिथि: 31 दिसंबर 2025
- चयनित अनुभव होंगे शताब्दी वर्ष 2026 में प्रकाशित।
इतिहास से आज तक
- UPSC की स्थापना: 1 अक्तूबर 1926
- आधार: ली कमीशन की सिफारिशें और भारत सरकार अधिनियम 1919
- सौ वर्षों से यह आयोग भारत की योग्यता-आधारित सिविल सेवा प्रणाली की रीढ़ रहा है।












