Ormanjhi(Kuldeep/Amitabh) : डिलीवरी केस में रामगढ़ के एक प्राइवेट हॉस्पिटल से रांची के मेदांता अस्पताल में भर्ती हुई विवाहिता मालती देवी की मौत के बाद मेदांता में खूब बवाल हो गया। मृतिका के नाते-रिश्तेदारों और परिजनों का इल्जाम था कि 14 लाख रुपये लेने के बाद भी मालती का बेहतर तरीके से इलाज नहीं किया गया। डॉक्टरों की लापरवाही और अनदेखी के चलते मालती की जान चली गई। गुजरे 25 दिनों तक मालती का मेदांता में इलाज किया गया, महंगी-महंगी दवाईयां और सूई का इस्तेमाल किया गया, पर उसकी जान चली गई। अस्पताल का मेन गेट जाम कर हंगामा कर रहे लोगों की डिमांड थी कि इलाज का आधा पैसा उन्हें वापस किया जाये, वहीं मृतिका का पोस्टमार्टम कराया जाये। मौके पर पहुंचे ओरमांझी के थानेदार अनिल कुमार तिवारी द्वारा बहुत समझाने-बुझाने के बाद गेट जाम हटाया गया। इधऱ, अस्पताल प्रबंधन का कहना था कि मरीज को नाजुक स्थिति में यहां भर्ती कराया गया था। यहां उसके इलाज में कोई लापरवाही या अनदेखी नहीं की गई। अगर परिजन चाहेंगे तो उन्हें खर्चे का पूरा ब्योरा दिखाने तक को तैयार हैं, वहीं बकाया बिल माफ कर दिया गया है। मृतिका हजारीबाग के केरेडारी थाना क्षेत्र के किरिगाड़ गांव की रहनेवाली थी। रामगढ़ के एक प्राईवेट हॉस्पिटल में डिलीवरी हुई थी। बेहतर इलाज के लिये उसे रांची के इरबा स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
महिला मरीज की मौत के बाद मेदांता में बवाल… देखें वीडियो#medanta #jharkhand #ormanjhi #ranchi pic.twitter.com/NSUygRlfpo
— KohramLive (@KohramLive) January 9, 2025












