kohram live desk : न्यू फिनांशियल ईयर यानी नये वित्तीय वर्ष के पहले दिन मतलब पहली अप्रैल 2021 को को ही देश के सरकारी और प्राइवेट बैंकों में कामकाज नहीं हो सकाफ। उस दिन कुछ बैंकों के UPI और IMPS ट्रांजैक्शन फेल हो गए। फलस्वरूप ग्राहकों के पैसे भी फंस गए। इसे लेकर बैंकों को हर दिन के हिसाब से हर्जाना चुकाना होगा।
Read More : PNB बैंक की इस शाखा में कोरोना विस्फोट, 27 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव
शाम तक सामान्य हो गए थे ज्यादातर बैंक
NPCI यानी National Payments Corporation of India ने एक ट्वीट में बताया है कि पहली अप्रैल की शाम तक ज्यादातर बैंक सामान्य हो गए थे। ग्राहकों को अबाधित IMPS और UPI सर्विसेज मिलने लगी थीं। इसके बावजूद इसके कई ग्राहकों ने शिकायत की है कि उन्हें ट्रांजैक्शन फेल होने के बाद पैसा वापस नहीं मिला है।
Read More : Corona की चपेट में रांची का यह स्कूल, 7 स्टूडेंट्स और टीचर संक्रमित
आरबीआई ने तय की है रिवर्सल की समय सीमा
रिजर्व बैंक (RBI) की अक्टूबर 2019 की गाइडलाइंस पैसे के ऑटो रिवर्सल को लेकर एक समयसीमा तय की गई है। अगर इस समयसीमा के अंदर ट्रांजैक्शन का सेटलमेंट या रिवर्सल नहीं हुआ तो बैंक को ग्राहकों को मुआवजा देना होगा। सर्कुलर के मुताबिक, समयसीमा खत्म होने के बाद 100 रुपए रोज के हिसाब से मुआवजा देना होगा।
Read More :बाहुबली मुख्तार अंसारी को लेकर यूपी पुलिस बांदा रवाना, रास्ते के सभी जिले अलर्ट
इस प्रकार कर सकते हैं शिकायत
सबसे पहले आपको सर्विस प्रोवाइडर से शिकायत करनी होगी। इसके लिए Raise Dispute पर जाना होगा। यहां पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। प्रोवाइडर आपकी शिकायत को सही पाने पर पैसा लौटा देगा। अगर शिकायत करने बावजूद बैंक से कोई जवाब नहीं मिलता है तो आप रिजर्व बैंक के डिजिटल ट्रांजैक्शन, 2019 के ओम्बुड्समैन स्कीम के तहत शिकायत कर सकते हैं।










