Giridih: गिरिडीह की बारिश भरी शाम ने शनिवार को ऐसा दर्द दिया, जिसे सुनकर हर दिल कांप उठा। गांधी चौक के पास खुले नाले के तेज बहाव में दो साल का मासूम बह गया। 18 घंटे तक उम्मीदों की डोर थामे परिजनों की आंखें बच्चे की तलाश में टिकी रहीं, लेकिन अंत में प्रशासन ने सिर्फ उसकी नन्हीं लाश ही बरामद की। बारिश थम चुकी थी लेकिन मासूम की मां की रुलाई पूरे गांधी चौक को भिगो रही थी। बचाव टीम रात डेढ़ बजे तक तलाश करती रही, फिर अभियान रोक दिया गया। परिजनों की गुहार और लोगों के दबाव पर सुबह फिर से खोज शुरू हुई, तब जाकर 18 घंटे बाद नाले से बच्चे का शव निकाला गया। मासूम की मौत हो जाने की फैली खबर के बाद लोगों का गुस्सा उबाल पर आ गये। गोलबंद हुये लोग सड़क पर उतर आये। भीड़ ने जिला प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोग बोले,“अगर किसी नामदार का बच्चा होता, तो क्या इतनी सुस्ती दिखती?” लोगों को शांत करने SDM श्रीकांत विस्पुते, DSP मुख्यालय नीरज कुमार सिंह, SDPOP सदर जीतवाहन उरांव, BDO गणेश रजक और थानेदार ज्ञान रंजन पहुंचे। हालात इतने गरम थे कि SDM को जमीन पर बैठकर लोगों को समझाना पड़ा। गुस्साये लोगों का एक ही सवाल था कि क्यों समय पर कदम नहीं उठाये गये?
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