Hazaribagh(Shivnarayan Sahu) : हजारीबाग के बड़कागांव थाना क्षेत्र के पुंदौल गांव के 26 साल के मंटू पांडेय और चंदौल गांव की 22 साल की सुलेखा कुमारी की जिंदगी शनिवार की रात हमेशा के लिए थम गई। दोनों ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने अलग-अलग समय पर इलाज के लिये बड़कागांव CHC और फिर हजारीबाग ले जाने की कोशिश की, लेकिन हालात बिगड़ते चले गये। सुलेखा को रांची रेफर किया गया, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मंटू को भी रेफर की तैयारी चल रही थी कि उसकी भी मौत हो गई।
श्मशान घाट से पोस्टमार्टम तक
रविवार को जैसे ही सुलेखा के परिजन शव को चंदौल गांव के श्मशान घाट ले गये, पुलिस वहां पहुंच गई। बड़कागांव पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये हजारीबाग भेज दिया। वहीं, मंटू का पोस्टमार्टम हजारीबाग सदर अस्पताल में ही हुआ और शव परिजनों को सौंप दिया गया। इधर, गांवों में इस घटना की चर्चा आग की तरह फैल गई।सुलेखा ने पेट दर्द की शिकायत की थी, इलाज के बाद खुलासा हुआ कि उसने जहर खा लिया। मंटू ने आधी रात उल्टी करते हुये खुद कहा, “मैंने सल्फास की गोली खा ली है।” ग्रामीण सूत्रों का कहना है कि दोनों ने रात को वीडियो कॉल पर लंबी बातचीत की और फिर जहर खा लिया। कुछ लोग इसे प्रेम प्रसंग का अंत बता रहे हैं, तो कुछ मंटू की नशे की आदतों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। चंदौल और पुंदौल दोनों गांवों में आज सन्नाटा पसरा है। जहां सुलेखा की डोली उठनी थी, वहां अब अर्थी उठी। जहां मंटू की जिंदगी के नये सपने बुने जा रहे थे, वहां अब मातम का साया है। बड़कागांव थाना के SI अभिषेक कुमार ने कहा कि “यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ है। आगे की जांच जारी है।”












