Garhwa : एक गरीब की कोख से जन्में दो मासूम भाईयों 7 साल के गोलू कुमार एवं 10 साल के सोनू कुमार की मौत हो गई। गढ़वा के केतार थाना क्षेत्र के पाचाडुमर गांव के आदिवासी बहुल धंगरडीहा टोला में अचानक हुई इस घटना से सनसनी फैल गई। मृतक भाईयों के पिता का नाम बुद्धि नारायण सिंह चेरो बताया गया। वहीं 12 साल के सुशील कुमार, उसके पिता बुद्धि नारायण सिंह और दो महिलाओं समेत पांच लोगों की तबीयत बिगड़ गई। सभी का इलाज भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है।
दो दिन से था बुखार, सुबह अचानक बिगड़ी हालत
मृत बच्चों की मां बासमती देवी ने मीडिया को बताया कि दोनों बच्चों को पिछले दो दिनों से बुखार था। परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। इसके चलते उनका बेहतर इलाज नहीं हो सका। शनिवार की सुबह दोनों बच्चों की हालत अचानक गंभीर हो गई। परिजन उन्हें पास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचते ही दोनों ने दम तोड़ दिया। दो मासूमों की एक साथ मौत की खबर जैसे ही टोले में फैली, हर तरफ चीख-पुकार मच गई। भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. उस्तर रजा ने मीडिया को बताया कि शुरुआती जांच में मामला वायरल फीवर के प्रभाव जैसा प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि भर्ती मरीजों की गहन जांच की जा रही है। यह भी संभव है कि मृत बच्चों को पहले से कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या रही हो। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। वहीं, एक साथ दो भाईयों की मौत के बाद से जितनी जुबां उतनी तरह की बातें होने लगी है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की मौत के बाद उनके मुंह से झाग निकल रहा था। इसके बाद फूड प्वाइजनिंग की आशंका की चर्चा भी होने लगी। हालांकि, अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। चिकित्सकों ने प्रारंभिक तौर पर वायरल फीवर की आशंका जताई है। ऐसे में मौत की असली वजह जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी। इस बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम धंगरडीहा टोला पहुंची और वहां की स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल धनवा देवी, सुनीता कुमारी, बासमती देवी, सुशील कुमार और बुद्धि नारायण सिंह का भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरे मामले पर नजर बनाये हुये है।








