Kohramlive : सुबह की चाय हो या त्योहार की मिठाई, भारतीय घरों में चीनी की मिठास रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा रही है। लेकिन जब चीनी की कीमत जेब पर भारी पड़ने लगे, तो नजर अपने ही रसोईघर में मौजूद उन चीजों पर जाती है, जो सदियों से मिठास का स्वाद देती आई हैं। गुड़, शहद और खजूर, तीनों प्राकृतिक मिठास के लोकप्रिय विकल्प हैं। लेकिन सवाल यह है कि अगर चीनी कम करनी हो तो इनमें से किसे चुनना बेहतर होगा? सीधी बात यह है कि गुड़, शहद और खजूर भी मीठे खाद्य पदार्थ हैं। इसलिये सिर्फ प्राकृतिक होने के आधार पर इन्हें असीमित मात्रा में खाना सही नहीं है। फिर भी इनके पोषण में कुछ महत्वपूर्ण अंतर जरूर हैं।
गुड़: देसी मिठास, लेकिन मात्रा का रखें ध्यान। गुड़ गन्ने के रस से तैयार किया जाता है। रिफाइंड चीनी की तुलना में इसमें कुछ मात्रा में आयरन, पोटैशियम और अन्य खनिज मौजूद रह सकते हैं। यही वजह है कि गुड़ को अक्सर चीनी का बेहतर पारंपरिक विकल्प माना जाता है। लेकिन यहां एक बात नहीं भूलनी चाहिये, गुड़ भी मुख्य रूप से शर्करा ही है और इसमें कैलोरी होती है। इसलिये चाय, दूध या खाने में गुड़ का इस्तेमाल कर रहे हैं तो मात्रा पर नियंत्रण जरूरी है।
शहद: मिठास के साथ कुछ जैव सक्रिय यौगिक। शहद प्राकृतिक मिठास देता है और इसमें कुछ एंटीऑक्सीडेंट तथा अन्य जैव सक्रिय यौगिक पाये जाते हैं। लेकिन शहद को भी ‘शुगर फ्री’ या कम कैलोरी वाला विकल्प समझना ठीक नहीं है। इसमें भी मुख्य रूप से शर्करा होती है। ज्यादा मात्रा में लेने पर कुल कैलोरी और शुगर का सेवन बढ़ सकता है। शहद को गर्म पेय में मिलाते समय उसे बहुत ज्यादा गर्म करने से बचना बेहतर माना जाता है।
खजूर: मिठास के साथ फाइबर भी। अगर प्राकृतिक मिठास के साथ कुछ पोषण भी चाहिए तो साबुत खजूर एक उपयोगी विकल्प हो सकता है। खजूर में प्राकृतिक शर्करा के साथ फाइबर, पोटैशियम और दूसरे पोषक तत्व भी मिलते हैं। फाइबर के कारण साबुत खजूर खाने से सिर्फ मिठास ही नहीं, बल्कि कुछ हद तक पेट भरने का एहसास भी मिल सकता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि खजूर जितना चाहें उतना खाया जा सकता है। इसमें भी प्राकृतिक शुगर और कैलोरी होती है, इसलिये मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।
तो फिर चीनी की जगह किसे चुनें?
अगर तीनों में से किसी एक को चुनने की बात हो तो साबुत खजूर फाइबर और पोषण के कारण उपयोगी विकल्प हो सकता है। वहीं, स्वाद और पारंपरिक इस्तेमाल के लिये गुड़ या शहद भी लिया जा सकता है। लेकिन असली खेल किसी एक ‘हेल्दी स्वीटनर’ का नहीं, बल्कि कितनी मात्रा में मिठास ली जा रही है, इसका है। याद रखिये, गुड़ प्राकृतिक है, लेकिन शुगर है।
शहद प्राकृतिक है, लेकिन शुगर है। खजूर प्राकृतिक है, लेकिन इसमें भी शुगर और कैलोरी है। इसलिये चीनी की जगह इनका इस्तेमाल करने का मतलब यह नहीं कि मिठास की मात्रा बढ़ा दी जाये।
डायबिटीज है तो सावधानी और जरूरी
अगर आपको डायबिटीज या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो चीनी की जगह गुड़, शहद या खजूर को अपने मन से ज्यादा मात्रा में लेना उचित नहीं है। अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेकर विकल्प और मात्रा तय करना बेहतर है। मिठास का सबसे अच्छा विकल्प वही है, जो स्वाद के साथ मात्रा पर नियंत्रण भी सिखाये। रसोई में गुड़ की खुशबू हो, शहद की मिठास हो या खजूर का स्वाद,सेहत का राज किसी एक चीज में नहीं, बल्कि पूरी डाइट के संतुलन और सही मात्रा में छिपा है।







