Garhwa(Nityanand Dubey) : रंका अनुमंडल के दूधवल पंचायत के बाराडीह गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां तितही महुआ टोला के आदिवासी परिवार ने पंचायत के मुखिया इजहार अंसारी पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया है। कुछ महीने पहले गांव में महुआ चुनने को लेकर हुये झगड़े में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इस केस में चार लोग जेल भेजे जा चुके हैं। घटना के वक्त बाहर मजदूरी कर रहे लालजी सिंह और उचित सिंह अब गांव लौटे हैं। इनका इल्जाम है कि पंचायत मुखिया इजहार अंसारी कह रहे हैं, “अगर जेल से बचना है तो इस्लाम धर्म अपना लो, वरना पूरा परिवार सलाखों के पीछे जायेगा!” लालजी और उचित का कहना है कि उनके पिता और तीन भाई पहले से जेल में हैं। अब मुखिया उन्हें भी फंसाने की कोशिश कर रहे हैं अगर न्याय नहीं मिला तो वे गांव छोड़ने या आत्महत्या तक को मजबूर हो जायेंगे।
मुखिया ने लगाये आरोपों को बताया झूठा
इजहार अंसारी का कहना है कि “जो आरोप लगा रहे हैं, वे खुद अपराधी हैं और पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं” पुलिस ने कहा शिकायत आई तो कार्रवाई होगी। SDPO रोहित रंजन सिंह ने कहा कि अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन आवेदन मिलते ही जांच कर उचित कार्रवाई की जायेगी। मुखिया इजहार अंसारी पर पहले भी यौन शोषण का आरोप लग चुका है। यह कोई पहली बार नहीं जब उनके नाम विवादों में आया हो।














