Ranchi : कभी जिस इलाज के लिए रांची से दिल्ली तक की राह पकड़नी पड़ती थी, अब वहीं इलाज, झारखंड की धरती पर तकनीक के पंख लगाकर मरीजों तक पहुंचेगा। राज्य सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है, जो न सिर्फ मरीजों की जिंदगी को आसान बनायेगा, बल्कि झारखंड की सेहत व्यवस्था को तकनीक के रंगों से भर देगा। रांची का सदर अस्पताल अब सिर्फ एक अस्पताल नहीं, बल्कि झारखंड का रेडियोलॉजी हब बनेगा। एक ऐसा केंद्र, जहां से एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई की डिजिटल रिपोर्टें प्रदेश के दूर-दराज के कोनों तक पहुंचेंगी।
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार ने बताया कि यह हब 24×7 टेलीरेडियोलॉजी सेंटर की तरह काम करेगा, जहां रिपोर्टें ऑनलाइन तैयार होंगी और डॉक्टरों को समय पर मिलेंगी, चाहे वो गुमला हो या गोड्डा। इस पहल से उन इलाकों में भी इलाज संभव हो पायेगा जहां रेडियोलॉजिस्ट की कमी है। मरीजों को घंटों, दिनों की देरी नहीं झेलनी पड़ेगी, क्योंकि रिपोर्ट अब तेजी से आयेगी और सटीक भी।
दो चरणों में बनेगी व्यवस्था
पहले राज्य के सदर अस्पताल जुड़ेंगे, फिर सभी रेफरल और सीएचसी स्तर के अस्पताल।
कुल लागत – ₹1.21 करोड़
AI तकनीक और प्रशिक्षित टेक्नीशियन की मदद से स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर होंगी।






