रांची : सिलेबस पूरा नहीं हुआ, कोरोना का पड़ा है असर। इसलिए इस बार Matric-Inter की परीक्षाएं डेढ़ से दो महीने विलंब से हो सकती हैं। है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग बच्चों को नए पाठ्यक्रम के आधार पर पढ़ाई करने के लिए कुछ और समय देना चाहता है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल-जैक इस बार पूर्व की तरह परीक्षाओं का आयोजन नहीं कर पाएगा।
राज्य में इस बार मैट्रिक-इंटर की परीक्षाएं नियत समय से दो माह विलंब से होंगी। कोरोना और पाठ्यक्रम में कटौती से यह स्थिति बनी है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग बच्चों को नए पाठ्यक्रम के आधार पर पढ़ाई करने के लिए कुछ और समय देना चाहता है। जैक इस बार पहले की तरह परीक्षाओं का आयोजन नहीं करेगा। पहले फरवरी में यह परीक्षाएं होती थीं, पर अब यह परीक्षाएं मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल में होने की संभावना है।
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Matric-Inter की परीक्षा के सिलेबस का बुकलेट की छपाई में अभी देरी होगी
सिलेबस में संशोधन होने के बाद भी अभी बहुत सारे बच्चों को यह नहीं पता है कि उन्हें क्या पढ़ना है और क्या नहीं पढ़ना है। व्हाट्सएप से जुड़े बच्चों को तो सिलेबस संशोधन की जानकारी हो चुकी है, पर करीब 33 लाख ऐसे बच्चे हैं, जो इस ग्रुप से नहीं जुड़े हुए हैं। इन बच्चों तक बुकलेट पहुंचना है। दीपावली और छठ को देखते हुए यह स्पष्ट है कि बुकलेट की छपाई में अभी देरी होगी।
परीक्षा के पूर्व संशोधित सिलेबस की पढ़ाई पूरी करनी होगी। विभाग की सोच है कि कोरोना काल के बाद जब स्कूल खुलेंगे तो वे ऐसा कर पाएंगे। इसके लिए छात्रों को मॉडल सवाल और उसके जवाब उपलब्ध कराने का निर्णय हुआ है।
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बीएड में नहीं होगा एंट्रेंस एग्जाम
एनसीटीई रेगुलेशन के तहत राज्य के मान्यता प्राप्त बीएड कॉलेजों में सत्र 2020-22 में नामांकन के लिए इस बार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा नहीं होगी। अभ्यर्थियों के प्राप्तांकों के आधार पर मेधा सूची तैयार कर काउंसिलिंग के जरिए नामांकन किया जाएगा। मेधा सूची तैयार करने और काउंसिलिंग के लिए जेसीईसीईबी, रांची को प्राधिकृत किया गया है।
कैबिनेट की बैठक में 20 प्रस्तावों पर मंजूरी
कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 20 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कुछ प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं : रिम्स में एमबीबीएस की 100 सीटें बढ़ाने के लिए केंद्र से एमओयू होगा, 2018 की अनुसूचित दर पर जरूरी कार्यों की घटनोत्तर स्वीकृति, निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व में 20% कमी करने की घटनोत्तर स्वीकृति, वर्ष 2020-21 में विधायक योजना अंतर्गत डीसी बिल लंबित रहते हुए भी आवंटित राशि की एकमुश्त निकासी की स्वीकृति संबंधी आदेश पर घटनोत्तर स्वीकृति, धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य, सामान्य का 1868 और ए ग्रेड 1888 रुपए अलावा 182 रु बोनस/क्विंटल आदि शामिल हैं।








