Ranchi : झारखंड की मिट्टी में अब केवल मेहनत की खुशबू नहीं, बेटियों के सपनों की आहट भी सुनाई देने लगी है। सरकार की पहल और बेटियों की लगन ने मिलकर एक ऐसी कहानी लिखनी शुरू की है, जो गांव-टोले से निकलकर पूरे प्रदेश में उम्मीद जगाती है। CM हेमंत सोरेन की सोच साफ है कि झारखंड की हर बेटी पढ़े, बढ़े और अपने पैरों पर खड़ी हो। इसी सोच का मजबूत आधार सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना बनी है, जो 2022-23 से लगातार किशोरियों की जिंदगी में बदलाव ला रही है।
इस योजना के तहत कक्षा 8वीं से 12वीं तक पढ़ने वाली पात्र किशोरियों को चरणबद्ध रूप से कुल 40 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है, ताकि गरीबी पढ़ाई के रास्ते में दीवार न बन सके। महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने इस वित्तीय वर्ष से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। बेटियां अपने-अपने विद्यालय के माध्यम से पोर्टल पर आवेदन कर रही हैं। यानी अब डिजिटल रास्ते से सशक्तिकरण। अब तक 6,07,467 किशोरियों ने ऑनलाइन आवेदन किया। 2,78,463 बालिकाओं को 104 करोड़ 65 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। 15,007 में से 13,469 विद्यालयों से आवेदन प्राप्त मिले हैं, बाकी विद्यालयों को जोड़ने के लिये क्षेत्रीय कर्मियों को निर्देश दे दिये गये हैं।
प्रशिक्षण से लेकर तकनीकी सहयोग तक
योजना को जमीन पर उतारने के लिये प्रधानाध्यापक, BEEO, CDPO एवं विभागीय कर्मियों को समाज कल्याण निदेशालय द्वारा प्रशिक्षण दिया जा चुका है। समय-समय पर तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। योजना से जुड़ी जानकारी या सहायता जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, विद्यालय के प्रधानाध्यापक, BEEO एवं प्रखंड बाल विकास परियोजना पदाधिकारी से हासिल की जा सकती है।










