Kohramlive : प्यास शरीर का अपना अलार्म है। गर्मी में ज्यादा पसीना आये, एक्सरसाइज करें या खूब नमकीन खाना खा लें तो प्यास लगना बिल्कुल सामान्य है। लेकिन अगर बिना किसी खास वजह के बार-बार तेज प्यास लगे और पानी पीने के बाद भी संतुष्टि न मिले, तो शरीर के इस संकेत पर ध्यान देना जरूरी है। लगातार ज्यादा प्यास के पीछे पानी की कमी से लेकर ब्लड शुगर बढ़ना, मुंह का सूखना या कुछ दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि सिर्फ प्यास के आधार पर किसी बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
1. शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशनः सबसे आम वजह डिहाइड्रेशन हो सकती है। तेज गर्मी, ज्यादा पसीना, व्यायाम, उल्टी-दस्त या पर्याप्त पानी न पीने से शरीर में तरल पदार्थ कम हो सकते हैं। इसके साथ मुंह सूखना, कमजोरी, चक्कर और गहरे रंग का पेशाब भी हो सकता है।
2. कहीं बढ़ा हुआ ब्लड शुगर तो वजह नहीं?: बार-बार प्यास लगना डायबिटीज या हाई ब्लड शुगर का एक संकेत हो सकता है। ब्लड शुगर बढ़ने पर बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है और इसके कारण शरीर में पानी की कमी बढ़कर प्यास ज्यादा लग सकती है। प्यास के साथ ये संकेत दिखें तो खास ध्यान दें, बार-बार पेशाब आना, खासकर रात में
लगातार थकान या कमजोरी, बिना कोशिश वजन कम होना, धुंधला दिखाई देना। ऐसे लक्षण होने पर ब्लड शुगर की जांच के लिये डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
3. खाने में नमक कुछ ज्यादा तो नहीं?: बहुत अधिक नमकीन भोजन के बाद प्यास बढ़ना स्वाभाविक है। ज्यादा सोडियम शरीर के तरल संतुलन को प्रभावित कर सकता है, इसलिये नमकीन खाना खाने के बाद सामान्य से ज्यादा पानी पीने की इच्छा हो सकती है।
4. प्यास नहीं, कहीं मुंह तो नहीं सूख रहा?: कई बार शरीर को वास्तव में ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती, लेकिन मुंह सूखने की वजह से बार-बार प्यास जैसा महसूस होता है। कुछ दवाएं और मुंह से सांस लेने जैसी स्थितियां भी ड्राई माउथ का कारण बन सकती हैं।
5. किडनी से जुड़ी परेशानी भी हो सकती है: किडनी शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाये रखने में अहम भूमिका निभाती है। कुछ किडनी संबंधी समस्याओं में पेशाब के पैटर्न में बदलाव और शरीर के तरल संतुलन में गड़बड़ी हो सकती है। ऐसे लक्षण लगातार बने रहें तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
6. नई दवा शुरू करने के बाद बढ़ी प्यास? कुछ दवाएं मुंह सूखा सकती हैं या पेशाब ज्यादा ला सकती हैं। ऐसे में प्यास बढ़ने का एहसास हो सकता है। अगर किसी नई दवा के बाद यह समस्या शुरू हुई है तो दवा खुद से बंद न करें, बल्कि डॉक्टर से बात करें।
कब समझें कि अब डॉक्टर से मिलने का वक्त आ गया है?
अगर अत्यधिक प्यास कई दिनों तक बनी रहे, रात में बार-बार पेशाब आये, असामान्य कमजोरी हो, बिना वजह वजन घटे या चक्कर जैसी परेशानी हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। जरूरत के अनुसार डॉक्टर ब्लड शुगर, इलेक्ट्रोलाइट्स, किडनी फंक्शन और यूरिन जैसी जांच करा सकते हैं। डिहाइड्रेशन की स्थिति में भी डॉक्टर रक्त में इलेक्ट्रोलाइट्स और किडनी फंक्शन की जांच कर सकते हैंष
एक बात गांठ बांध लें
प्यास बीमारी नहीं, एक संकेत हो सकती है। गर्मी में ज्यादा पानी की जरूरत पड़ना सामान्य है, लेकिन अगर प्यास असामान्य रूप से बढ़ गई है और उसके साथ दूसरे लक्षण भी हैं, तो शरीर की आवाज को अनसुना करना ठीक नहीं। पानी पीजिये, लेकिन लगातार बनी असामान्य प्यास को सिर्फ “पानी की कमी” मानकर छोड़िये मत।








