Garhwa(Nityanand Dubey) : जहर बन चुके नशा के खिलाफ गढ़वा की अदालत ने बड़ी कार्रवाई करते हुये NDPS एक्ट के दो अलग-अलग मामलों में चार गुनहगारों को 10-10 साल की कठोर सजा सुनाई है। वहीं, एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर एक साल और जेल भुगतनी होगी। साल 2024 में 24 अक्टूबर को गढ़वा के नागवा मोहल्ला से हीरोइन बेचते जितेंद्र कुमार को धरा गया था। उसके पास से 1.65 ग्राम हेरोइन, ₹20,780 नगद मिले थे। वह चारपहिया वाहन से हेरोइन बेचते हुये पकड़ा गया था। पुलिस ने NDPS एक्ट में केस दर्ज कर न्यायालय में चार्जशीट दायर की थी। गवाहों के बयान और सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोषी करार देते हुये 10 साल की सजा और 1 लाख जुर्माना सुनाया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि “नशा समाज को खोखला करता है और इन जहर के सौदागरों को बख्शा नहीं जायेगा।”
इसी तरह साल 2024 में 25 मई को गढ़वा के रेहला रोड महुपी मोड़ के पास से नशे के सौदागर तीन गुनहगार अविनाश चंद्रवंशी, शत्रुघ्न चौहान एवं पिंटू कुमार को पकड़ा गया था। एक कार में सवार इन तीनों के पास से 121.44 ग्राम हेरोइन बरामद किये गये थे, वहीं वाहन जब्त कर ली गई थी। कोर्ट ने तीनों को NDPS एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुये 10 साल की सश्रम सजा और 1 लाख जुर्माना की सजा सुनाई है। अंतरराष्ट्रीय नशा विरोध दिवस (26 जून) से एक दिन पहले कोर्ट की यह सख्त कार्रवाई पूरे जिले को साफ संदेश देती है, नशे के खिलाफ कानून बेहद गंभीर है।






