Bihar : बिहार में 1 अक्टूबर से कुछ जरूरी नियमों में बदलाव होने जा रहा है, जिनका असर आम लोगों की जेब और जरूरी दस्तावेजों से जुड़े काम पर पड़ सकता है। खासकर अगर आपके घर में LPG सिलेंडर आता है, परिवार में जन्म या मृत्यु का रजिस्ट्रेशन होना है या आप पटना नगर निगम क्षेत्र में संपत्ति के मालिक हैं, तो इन बदलावों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिये बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA) महत्वपूर्ण हो जायेगा। सरकारी सब्सिडी का लाभ लेने के लिये यह प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होगा। हालांकि, BAA नहीं कराने पर LPG सिलेंडर की बुकिंग या सप्लाई बंद नहीं होगी, लेकिन सब्सिडी का लाभ रुक सकता है। जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही BAA करा लिया है, उन्हें दोबारा यह प्रक्रिया कराने की जरूरत नहीं होगी और उनका LPG रिफिल सामान्य रूप से जारी रहेगा। यानी सिलेंडर तो मिलेगा, लेकिन सब्सिडी का लाभ चाहिये तो आधार ऑथेंटिकेशन पूरा होना जरूरी है।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र में देरी पड़ सकती है भारी
जन्म या मृत्यु के बाद प्रमाण पत्र बनवाने में देर करना अब मुश्किलें बढ़ा सकता है। 21 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन कराना आसान और मुफ्त रहेगा। लेकिन इसके बाद देरी होने पर प्रक्रिया और अनुमति की शर्तें सख्त हो सकती हैं। खास तौर पर एक साल से अधिक और दो साल के भीतर रजिस्ट्रेशन कराने के लिये उपजिलाधिकारी या जिलाधिकारी के कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अनुमति जरूरी होगी। देरी की स्थिति में निर्धारित जुर्माना और अतिरिक्त अनुमति की जरूरत भी पड़ सकती है। इसलिये परिवार में जन्म या मृत्यु होने के बाद प्रमाण पत्र बनवाने का काम ‘कल कर लेंगे’ के भरोसे छोड़ना ठीक नहीं होगा।
पटना में प्रॉपर्टी टैक्स पर अब ब्याज का बोझ
अगर आप पटना नगर निगम क्षेत्र में संपत्ति के मालिक हैं और अभी तक प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं किया है, तो 30 सितंबर तक अपना बकाया निपटा लेना जरूरी है। 1 अक्टूबर से बकाया संपत्ति कर पर हर महीने 1.5 प्रतिशत की दर से ब्याज लगने लगेगा। यानी जितनी देर होगी, बकाया रकम पर उतना ही अतिरिक्त बोझ बढ़ता जायेगा। नगर निगम की ओर से भी संपत्ति मालिकों से समय पर टैक्स जमा करने की अपील की गई है।





