Kohramlive : अगस्त का महीना आते ही आसमान का मिजाज बदल जाता है। कहीं बादल पहाड़ों को अपनी आगोश में ले लेते हैं, कहीं झरने अचानक जवां हो उठते हैं और कहीं बारिश के बाद झीलों में ऐसा निखार आता है कि नजरें ठहर जाती हैं। भारत में अगस्त के दौरान मानसून का असर जगह-जगह अलग दिखाई देता है। पश्चिमी घाट और पूर्वोत्तर में जहां हरियाली और बारिश अपने पूरे शबाब पर होती है, वहीं लद्दाख और स्पीति जैसे rain-shadow इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत सूखा रहता है। अगर आप भी इस अगस्त प्रकृति के करीब कुछ दिन बिताने का मन बना रहे हैं, तो ये 10 खूबसूरत ठिकाने आपकी यात्रा को यादगार बना सकते हैं।
मुन्नारः केरल में बादलों में लिपटी चाय की वादियों में अगस्त की बारिश मुन्नार की पहाड़ियों को जैसे हरे रंग की नई चादर पहना देती है। चाय के बागान, धुंध में खोती पहाड़ियां और बारिश से चमकती घाटियां यहां के नजारे को बेहद खूबसूरत बना देती हैं। बारिश में मुन्नार की लोकप्रियता भी बढ़ रही है और इसे मानसून में घूमने वाले प्रमुख डेस्टिनेशन में गिना जा रहा है। यहां प्रकृति प्रेमी, कपल्स और फोटोग्राफी पसंद करने वाले लोग जा सकते हैं।
मेघालयः यहां बारिश खुद एक कहानी लिखती है। मेघालय का नाम आये और बारिश की बात न हो, ऐसा कैसे हो सकता है! अगस्त में शिलांग, चेरापूंजी और आसपास के इलाकों की हरियाली देखते ही बनती है। पहाड़ों से गिरते झरने और बादलों से घिरी वादियां यहां के सफर को किसी फिल्मी दृश्य जैसा बना देती हैं। लेकिन भारी बारिश इस मौसम की सच्चाई भी है। इसलिए सड़क और मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनायें। झरने, पहाड़ और एडवेंचर पसंद करने वाले लोगों के लिये यह जगह खूबसूरत है।
उदयपुरः राजस्थान का नाम सुनते ही तपती गर्मी और रेगिस्तान याद आता है, लेकिन अगस्त में उदयपुर की तस्वीर कुछ और होती है। पिछोला झील, सिटी पैलेस और आसपास की हरियाली बारिश के बाद शहर को अलग ही रंग दे देती है। झीलों में पानी और आसमान में बादल, उदयपुर का यह मानसूनी अंदाज वाकई दिल चुरा लेता है। इतिहास, वास्तुकला और रोमांटिक ट्रिप पसंद करने वालों के लिये यह जगह बेहतरीन मानी जाती है।
लोनावलाः मुंबई और पुणे के बीच बसा लोनावला मानसून आते ही जैसे जाग उठता है। पहाड़ियों पर हरियाली, बादलों की चादर और जगह-जगह बहते झरने इसे अगस्त के सबसे लोकप्रिय वीकेंड गेटवे में शामिल करते हैं। शॉर्ट ट्रिप, दोस्तों के साथ घूमने और मानसून फोटोग्राफी के शौकीन लोगों को यहां सुकून मिल सकता है।
कूर्गः कर्नाटक के कूर्ग की खूबसूरती बारिश में और भी गहरी हो जाती है। कॉफी के बागान, पहाड़ियां और झरने हर तरफ हरियाली का एहसास कराते हैं। मानसून में यहां का वातावरण खास तौर पर शांत और सुहाना हो जाता है। हालांकि बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर सावधानी जरूरी है। शांत छुट्टी, प्रकृति और कॉफी एस्टेट का अनुभव चाहने वाले के लिये ये जगह बेहतर है।
गोवाः अगस्त का गोवा गर्मियों की भीड़ वाले गोवा से बिल्कुल अलग महसूस हो सकता है। बारिश से नहाई हरियाली, शांत माहौल और अपेक्षाकृत कम भीड़ इसे एक अलग तरह का अनुभव देते हैं। लेकिन मानसून में समुद्र की स्थिति बदल सकती है। इसलिये स्विमिंग और वाटर एक्टिविटीज से पहले स्थानीय मौसम और सुरक्षा निर्देश जरूर देखें। शांत समुद्र तट, बारिश और ऑफ-सीजन यात्रा पसंद करने वाले के लिये पसंदीदा हो सकता है।
वायनाडः केरल के वायनाड के जंगल, पहाड़ और झरने मानसून में अपने सबसे खूबसूरत रूप में नजर आते हैं। बारिश के बाद पूरा इलाका जैसे हरे रंग में रंग जाता है। हालांकि भारी बारिश के समय ट्रेकिंग या दूरदराज के इलाकों में जाने से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम की जानकारी जरूर लें। किसके लिये: नेचर लवर्स, ट्रेकिंग और शांत वातावरण पसंद करने वाले।
दार्जिलिंगः पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग की पहाड़ियां, चाय के बागान और ठंडी हवा हर मौसम में आकर्षित करते हैं। अगस्त में बारिश के कारण कभी-कभी पहाड़ धुंध में छिप जाते हैं, लेकिन जब बादल हटते हैं तो सामने खुलता नजारा दिल जीत लेता है। यहां यात्रा करते समय मौसम और सड़क की स्थिति पर नजर रखना खासागान और फोटोग्राफी पसंदा जरूरी है।इनके लिये, पहाड़, चाय बागान और फोटोग्राफी पसंद करने वाले।
स्पीति वैलीः हिमाचल में बसे स्पीति वैली, जहां मानसून भी ठहर जाता है। अगर बारिश आपकी पसंद नहीं है तो स्पीति आपके लिये शानदार विकल्प हो सकता है। हिमालय के rain-shadow क्षेत्र में होने के कारण यहां अगस्त में देश के कई दूसरे पहाड़ी इलाकों की तुलना में बारिश कम होती है। ऊंचे-ऊंचे पहाड़, बौद्ध मठ, विरल आबादी और अनोखा ठंडा-रेगिस्तानी परिदृश्य स्पीति को बिल्कुल अलग दुनिया जैसा बनाते हैं। हालांकि ऊंचाई और पहाड़ी सड़कों की स्थिति को देखते हुये पर्याप्त तैयारी और स्थानीय अपडेट जरूरी हैं। किसके लिये: रोड ट्रिप, एडवेंचर और ऑफबीट यात्रा के शौकीन।
अलाप्पुझाः केरल के अलाप्पुझा के बैकवाटर्स मानसून में एक अलग ही तस्वीर पेश करते हैं। शांत पानी, चारों तरफ हरियाली और बारिश की बूंदों के बीच हाउसबोट का सफर बेहद खास अनुभव हो सकता है। लेकिन हाउसबोट या लंबी जलयात्रा की योजना बनाते समय मौसम और स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी लेना जरूरी है। किसके लिये: रिलैक्सिंग ट्रिप, कपल्स और बैकवाटर अनुभव चाहधानी जरूर रखेंने वाले।
बारिश के सफर में ये सावधानी जरूर रखें
मानसून खूबसूरत जरूर है, लेकिन पहाड़ी और भारी बारिश वाले इलाकों में भूस्खलन, सड़क बंद होने और अचानक मौसम बिगड़ने का जोखिम रहता है। इसलिये निकलने से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान, सड़क की स्थिति और प्रशासन की एडवाइजरी जरूर जांचें। और हां, अगस्त की यात्रा में छाता ही नहीं, प्लान-B भी साथ रखिये। क्योंकि मानसून में सफर का असली मजा तभी है, जब बारिश भी मिले और रास्ता भी खुला मिले।








