Ranchi : रांची के दिल में धड़कता आस्था का केंद्र, जहां प्रकृति और परंपरा का संगम होता है—सरहुल पर्व। इसी महापर्व को लेकर आज रांची समाहरणालय में एक अहम बैठक हुई। रांची के DC मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में इस बैठक में सरना समितियों के प्रतिनिधियों, पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों और शहर के गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। बैठक का मकसद यह था कि सरहुल पर्व पूरे जोश, उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया जाये। बैठक के दौरान विभिन्न सरना समितियों के सदस्यों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किये, जिसमें बिजली आपूर्ति, जल व्यवस्था, साफ-सफाई, चलंत शौचालय, महिला सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और पुलिस बल की तैनाती जैसी अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई।
DC बोले, “सरहुल सिर्फ एक पर्व नहीं, हमारी धरोहर है”
बैठक के दौरान DC मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “सरहुल सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी धरोहर है। इसे हमें मिलकर संजोना और संरक्षित करना है। जिला प्रशासन पूरी तरह से सजग और संवेदनशील है। सभी धर्मों के प्रति सम्मान रखते हुये हम सौहार्दपूर्ण वातावरण में सरहुल पर्व को भव्य रूप से मनायेंगे।” उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जुलूस के दौरान सरना समितियां पुरुष एवं महिला वॉलंटियर्स की प्रतिनियुक्ति करें, एक समान यूनिफॉर्म हो और प्रत्येक जुलूस के आयोजकों को प्रशासन से समन्वय स्थापित करने के लिये व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाये। रांची पुलिस कप्तान चंदन कुमार सिन्हा ने आश्वस्त किया कि सरहुल पर्व की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद होगी। उन्होंने सरना समितियों से आग्रह किया कि अपने जुलूस प्रभारी और वॉलंटियर्स की सूची संबंधित थानों के साथ साझा करें, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
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