Ranchi : हिंदी साहित्य भारती झारखंड के बैनर तले राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर “तरंग संगोष्ठी” का आयोजन गूगल मीट मंच पर हुआ। इस अवसर पर साहित्यप्रेमियों ने दिनकर की कविताओं और विचारों को याद कर राष्ट्रीय चेतना के इस महान कवि को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने की और संचालन महामंत्री डॉ. सुनीता कुमारी ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में हिंदी साहित्य भारती (अंतरराष्ट्रीय) के राष्ट्रीय मंत्री एवं झारखंड प्रभारी डॉ. अरुण कुमार सज्जन ने दिनकर को केवल कवि नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के प्रेरक चिंतक बताते हुये कहा कि उनकी रचनायें आज भी समाज में क्रांति और आत्मगौरव की लौ जगाती हैं।
अध्यक्षीय संबोधन में अजय राय ने कहा कि दिनकर का साहित्य केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि साहस और जनजागरण का आह्वान है। उन्होंने युवाओं से दिनकर की कविताओं से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। डॉ. सुनीता कुमारी ने कहा कि साहित्यकारों का कर्तव्य है कि वे दिनकर की परंपरा को आगे बढ़ाते हुये समाज में मानवीय मूल्यों और राष्ट्रीय भावना का संचार करें। संगोष्ठी में डॉ. संगीता नाथ, बलराम पाठक, अनुज कुमार पाठक, अंकिता कुमारी, मंजू देवी, ऋतु कुमारी, संजय कुमार सिंह, पुष्पा जी, सोनी कुमारी, सुकुमार झा, गंगा प्रसाद और रिंकू दुबे वैष्णवी जैसे वक्ताओं ने अपने विचार रखे। सभी ने दिनकर की कविताओं की प्रासंगिकता पर चर्चा करते हुए कहा कि उनकी रचनाएँ हमें संघर्ष की राह दिखाती हैं और जीवन में साहस व दृढ़ संकल्प का संचार करती हैं।कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने दिनकर की कविताओं का पाठ कर उनके जीवन प्रसंग साझा किये और यह संकल्प लिया कि आने वाली पीढ़ियों तक दिनकर की अमर कृतियों को पहुंचाने का कार्य लगातार जारी रहेगा। अंत में हिंदी साहित्य भारती झारखंड की ओर से सभी अतिथियों और प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापन किया गया।












