BIHAR : बिहार के मुंगेर से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। अभी शादी के महज पांच घंटे हुए थे कि दुल्हन ने दम तोड़ दिया। सात फेरे लेने और सिंदूरदान के बाद दुल्हन की तबीयत बिगड़ गई। निजी हॉस्पिटल में उसकी मौत हो गई। बाद में पति ने मुखाग्नि दी।
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सिंदूरदान के बाद बिगड़ी तबीयत
घटना तारापुर अनुमंडल क्षेत्र के अफजल नगर पंचायत के खुदिया गांव की है। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। बीती 8 मई को अफजल नगर पंचायत के खुदिया गांव में रंजन यादव उर्फ रंजय के घर बेटी निशा कुमारी की शादी को लेकर परिवार के लोग काफी खुश और उत्साहित थे। हवेली खड़गपुर प्रखंड के महकोला गांव से सुरेश यादव के पुत्र रवीश की बारात पहुंची और शादी की रस्म पूरी की गई। मृतक की मां रीता देवी ने रोते हुए बताया कि शादी के सात फेरे लेने और सिंदूरदान के बाद ही दुल्हन निशा की तबीयत बिगड़ गई।
हमलोग आनन-फानन में बेटी को लेकर भागलपुर गए। भागलपुर के निजी अस्पताल में इलाजरत दुल्हन निशा ने शादी के महज पांच घंटे बाद ही दम तोड़ दिया। जीवन संगिनी बनकर पति के साथ जिंदगी बिताने के लिए शादी के सात फेरे लेने वाली सुहागिन दुल्हन की महज पांच घंटे में इलाज के दौरान मौत हो गई। इधर निशा के मायके से विदाई भी नहीं हो पाई थी और ससुराल पहुंचने के पूर्व दुनिया से विदा लेने की इस विचलित करने वाली खबर से सभी दुखी हैं।
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दुल्हन निशा के साथ जीवन बिताने के सात फेरे लेने वाले पति रवीश कुमार के सामने कैसी विडंबना थी कि अपने साथ अपनी पत्नी को विदा कर अपने घर की जगह उनके शव को सीधे श्मशान ले जाना पड़ा और चंद घंटे पहले ही पति-पत्नी का सामाजिक, पारिवारिक दायित्व ग्रहण करने वाले पति रवीश कुमार ने पत्नी निशा को मुखग्नि दी। सुल्तानगंज स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
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