Chouparan(Krishna Paswan) : हजारीबाग के चौपारण की दनुआ घाटी, जिसे लोग अब ‘मौत की घाटी’ कहने लगे हैं, एक बार फिर भीषण सड़क हादसे का गवाह बनी। मंगलवार देर रात राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर हुई एक गंभीर टक्कर में एक ट्रक चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक तेज़ रफ्तार ट्रक ने आगे चल रहे एक अन्य ट्रक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पीछे वाले ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर निवासी आनंद तिवारी (उम्र लगभग 38 वर्ष) के रूप में की गई है।
चश्मदीदों ने कहा
घटनास्थल पर मौजूद अन्य ट्रक चालकों और स्थानीय राहगीरों का कहना है कि यदि राहत एवं बचाव कार्य समय पर शुरू हो गया होता, तो संभवतः चालक की जान बचाई जा सकती थी। लोगों ने बताया कि मृतक काफी देर तक ट्रक के केबिन में जीवित अवस्था में फंसा रहा, लेकिन NHAI की ओर से कोई तत्कालिक क्रेन सुविधा या मेडिकल सहायता उपलब्ध नहीं हो सकी।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलते ही चौपारण थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया। दोनों क्षतिग्रस्त ट्रकों को सड़क से हटाकर यातायात सामान्य किया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
स्थानीयों में आक्रोश, NHAI की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद क्षेत्रीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुये कहा कि दनुआ घाटी जैसे संवेदनशील क्षेत्र में स्थायी क्रेन व राहत दल की तैनाती अब तक क्यों नहीं की गई? एक स्थानीय दुकानदार ने बताया, “हर महीने यहां हादसे होते हैं, पर NHAI की तैयारी नाममात्र की होती है। अगर समय पर क्रेन और मेडिकल सुविधा होती, तो उस युवक की जान बचाई जा सकती थी।”








