UP : होने वाले दामाद के साथ भागने वाली सपना जब दादों थाने की चौखट पर उतरी, तो उसके चेहरे पर शिकन भी थी और सुकून भी। उसने पुलिस अफसर की ओर देखा और बोली, “मैं घर नहीं लौटूंगी। राहुल के साथ रहूंगी।” उसके शब्द सुलगते कोयले जैसे थे, साफ, तपते और चुभते। “19 साल… 19 साल तक मैंने एक शराबी के हाथों जहर पीया। रोज मार, रोज गाली।” वो बोली, “मेरी बेटी के लिये मैंने सब सहा। पर जब उसी ने मेरी बातों को गलत समझा, तो मुझे खुद की जिंदगी के लिये लड़ना पड़ा।”
सपना की कहानी, उसकी जुबानी…
“राहुल का फोन कभी-कभी आता था… शादी की तैयारी को लेकर। बातों में अपनापन था… धीरे-धीरे वो मेरी सुनता गया… और मैं बोलती गई।” “एक दिन मैंने कहा, तुम्हारी होने वाली दुल्हन तो बहुत बोलती है। तो उसने हंसकर कहा, आप बोलिये ना, अच्छा लगता है।” बस वहीं से शुरू हुआ वो रिश्ता, जो मां-बेटे की परिभाषा को लांघ गया। “राहुल ने मुझसे कहा, तुम जैसी हो, वैसे ही रहो। मैं तुम्हें वैसे ही चाहता हूं।” सपना ने थाने में सबके सामने कहा, “मैंने पहली बार किसी ने मेरी ‘इज़्ज़त’ की, और उसी ने मुझे ‘चुना’।”
पिता की परछाईं में टूटी बेटी
उधर, बेटी ने कैमरे पर कहा, “मेरे लिये वो अब मां नहीं, बस एक धोखेबाज औरत है। उसने हमारे घर की इज्जत बेच दी।” “हम बस अपने पैसे और जेवर वापस चाहते हैं। उसे जीना है तो जिये, पर हमारे बिना।” गांव की गलियों में अब बेटी की बात उड़ रही थी, “जिसने मां का श्राद्ध जिंदा रहते कर दिया…”
वो भागे…
राहुल ने बताया ,“सपना अलीगढ़ से चली, मैं कासगंज में मिला। फिर बरेली, फिर बिहार, और वहां से नेपाल। लेकिन जब सोशल मीडिया पर फोटो वायरल हुई तो डर लगा। दिल्ली लौटे और थाने आ गये।” पुलिस जांच में पता चला, राहुल को ताबीज सपना ने पहनाया था। पर सपना बोली, “मैंने ताबीज इसलिये दिया था कि कोई तुम्हें बुरी नजर से न देखे। अगर ये वशीकरण है तो हां, मैं दोषी हूं। क्योंकि किसी ने पहली बार मेरी आंखों में आंखें डालकर कहा था, ‘तुम जीने लायक हो।’”
वशीकरण या वासना?
राहुल के पिता और बहनोई ने जब मीडियावालों को देखा, तो दिल का गुबार फूट पड़ा।“जब वह औरत (सास सपना) हमारे घर आई थी, तो दो ताबीज लेकर आई थी, एक गले में, एक कमर में। उसी दिन से मेरा बेटा बदल गया।” रोते पिता ने इल्जाम लगाया कि सपना ने तंत्र-मंत्र का सहारा लिया। राहुल को वश में किया। “हमारा बेटा अब हमारा नहीं रहा। अब उसे बेदखल करेंगे। जो कुछ ले गया, वो पैसा और जेवर वापस चाहिये। बस, पुलिस जल्द उसका आमना-सामना कराये।”
गली के बाहर, घर के भीतर
राहुल की बहन की शादी तय थी। घर में पूजा की तैयारी चल रही थी। उसी बीच राहुल का यह ‘सास प्रेम’ सब पर बिजली बनकर गिरा। “जिस औरत को मां कहकर पुकारना था, उसी के साथ सात जन्मों का वादा?” – मोहल्ले वालों के मुंह से यही निकला। राहुल की मां ने भी मुंह मोड़ लिया। “हमें ऐसा बेटा नहीं चाहिये।” गांव के चौपाल पर चर्चा थी, क्या यह महज एक प्रेम कहानी है? या फिर कोई प्लानिंग?












