Kohramlive : अपनी तेज रफ्तार के लिए पहचानी जाने वाली वंदे भारत और गतिमान एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों की स्पीड कम करने पर विचार हो सकता है। उत्तर मध्य रेलवे ने रेलवे बोर्ड से कुछ ट्रेनों की स्पीड को कम करने की गुजारिश की है। भेजे गये प्रस्ताव में प्रीमियम ट्रेनों की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटा से घटा कर 130 किलोमीटर प्रति घंटा की जाने की बात कही जा रही है। अगर रेलवे बोर्ड इस गुजारिश को मान लेता है, तो वंदे एक्सप्रेस और गतिमान एक्सप्रेस की गति 30 किलोमीटर प्रति घंटा कम हो जायेगी। ऐसे में इनको अपना सफर तय करने में 25 से 30 मिनट का ज्यादा समय लगेगा। इन बदलावों की वजह से कम से कम 10 प्रीमियम ट्रेनों की टाइमिंग भी बदलनी पड़ेगी। पश्चिम बंगाल में कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन में हुये हादसे के बाद सुरक्षित ट्रेन परिचालन को लेकर रेलवे की चिंता बढ़ गई है। हादसे को रोकने की खातिर रेलवे द्वारा सभी रूट और ट्रेनों को स्वदेशी टक्कर रोधी उपकरण कवच से लैस करने का काम तेजी से कर दिया है। इसलिए सुरक्षा कवच मिलने तक तेज गति से चलने वाली ट्रेनों की गति कम की जा सकती है। रेलवे बोर्ड के भेजे गये प्रस्ताव में दिल्ली-झांसी-दिल्ली गतिमान एक्सप्रेस, दिल्ली-रानी कमलापति-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस, दिल्ली-रानी कमलापति-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस एवं दिल्ली-खजुराहो-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस की रफ्तार को कम करने का सुझाव दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह काम पूरा होने के बाद इस रूट पर चलने वाली वंदे भारत, गतिमान, राजधानी और शताब्दी सहित अन्य ट्रेनों की गति बढ़ाई जायेगी।





