Gumla : सरहद पर देश की रक्षा करता लक्ष्मण उरांव आज अपनों के बीच ही खुद को असहाय पा गया। आज अंचल कार्यालय के बाहर उसने पेट्रोल छिड़ककर खुद को जलाने की कोशिश की, फैली इस खबर के बाद तहलका मच गया।
पेट्रोल से भरी जर्किन लिये, आंखों में आंसू और होठों पर एक ही मांग थी कि “मुझे मेरी जमीन वापस चाहिये”। उसने अपने चाचा और चचेरे भाइयों पर जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। जैसे ही लक्ष्मण ने आत्मदाह का प्रयास किया, स्थानीय लोग और अंचलाधिकारी आशीष कुमार मंडल दौड़ पड़े। समझाया, बुझाया, और फिर अपने चैंबर में बैठाकर थाना दिवस पर न्याय का वादा किया। पर एक सिपाही का भरोसा अब भी टूटा हुआ है। लक्ष्मण की तैनाती अरुणाचल प्रदेश में है। छुट्टी में वह आया था, शायद कुछ सुकून, कुछ न्याय तलाशने। लेकिन जब अपनों ने ही उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया, तो उसके भीतर की आग बाहर छलक पड़ी। आज वो जिंदा है, पर भीतर से बुझा हुआ। इस जवान का घर गुमला के घाघरा प्रखंड के गम्हरिया गांव में है।











