Bihar : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के रुझानों ने साफ कर दिया है—इस बार चुनावी नैरेटिव को किसी ने बदला है तो वो हैं महिलायें। करीब 71.6% महिला मतदान ने न सिर्फ पुरुषों (62.8%) को पीछे छोड़ा, बल्कि पूरे चुनावी माहौल को भी पलटकर रख दिया। नतीजा यह कि शुरुआती रुझानों में NDA 187 सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि महागठबंधन 35 के भी पार नहीं निकलता दिख रहा। दरअसल, सरकार की कई योजनाओं ने सीधे-सीधे महिलाओं के जीवन में ठोस बदलाव किया और उसका असर वोट तक जाकर दिखाई दे रहा है।
जीविका दीदी योजना: चुनाव से ठीक पहले राज्य की 1.30 करोड़ महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता ने महिला मतदाताओं को बड़े पैमाने पर एनडीए के पक्ष में लामबंद किया।
शराबबंदी: नीतीश कुमार का यह फैसला वर्षों से महिला मतदाताओं के बीच उन्हें ‘लाडला नेता’ बनाकर खड़ा किये हुये है।
बालिका साइकिल योजना (2006): लड़कियों को साइकिल और पोशाक देकर शिक्षा से जोड़ने वाली यह योजना समय के साथ एक मजबूत सामाजिक आधार में बदल गई, जो आज भी NDA को मजबूत बढ़त दिलाती दिख रही है। अगर रुझान अंतिम नतीजों में बदलते हैं, तो NDA बिहार की राजनीति में एक नया रिकॉर्ड बनायेगा और इस जीत का सबसे बड़ा क्रेडिट महिलाओं के उस वोट बैंक को जायेगा, जिसने इस बार चुपचाप लेकिन निर्णायक भूमिका निभाई है।




