Kohramlive : NCERT ने अब स्कूली किताबों में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को शामिल करने का फैसला लिया है। कक्षा 3 से लेकर 12वीं तक के छात्रों के लिये दो विशेष मॉड्यूल जारी किये गये हैं। कक्षा 3 से 8 के लिये ‘ऑपरेशन सिंदूर वीरता की गाथा’ कक्षा 9 से 12 के लिये ‘ऑपरेशन सिंदूर सम्मान और बहादुरी का मिशन’ का पाठ पढ़ाया जायेगा।
क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
7 मई 2025 को भारत ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकियों के नौ ठिकानों पर मिसाइल और हवाई हमले किये। भारतीय सेना ने 7 ठिकानों को जमींदोज किया, जबकि वायुसेना ने मुरीदके और बहावलपुर में आतंकी कैंप खत्म कर दिये। इन ठिकानों को जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और ISI से जुड़ा बताया गया। “यह सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं थी, यह शांति का संकल्प था।” NCERT के हवाले से मीडिया में आई खबर के मुताबिक, “ऑपरेशन सिंदूर उन विधवाओं और पीड़ितों के लिये श्रद्धांजलि है, जिन्होंने अपनों को खोया। यह सम्मान, एकजुटता और सहानुभूति का प्रतीक है।”
मॉड्यूल में क्या-क्या बताया गया… जानें
- उरी (2016) और पुलवामा (2019) जैसे हमलों का संदर्भ
- पहलगाम हमले में पाकिस्तान की भूमिका
- भारत की वायु रक्षा प्रणाली S-400 की सफलता
- स्थानीय कश्मीरियों और मुस्लिम समुदाय की सकारात्मक भूमिका
हैदराबाद, लखनऊ और भोपाल में मुस्लिम समाज ने काली पट्टी पहनकर हमले की निंदा की। कश्मीर के दुकानदारों ने दुकानें बंद कर आतंकवाद का विरोध जताया।
क्यों जोड़ा गया पाठ्यक्रम में?
NCERT का उद्देश्य है कि बच्चों को देश की सैन्य ताकत, सामाजिक एकता और नागरिक जिम्मेदारी के बारे में शुरुआती उम्र से जागरूक किया जाये। सरकार का सख्त संदेश है कि आतंकवाद बर्दाश्त नहीं। मॉड्यूल में साफ लिखा गया है, “भारत आतंकवादी सरगनाओं को सजा से नहीं बचने देगा।”








