Kohramlive : आगमी 4 जून को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद संभावना है कि 8 जून को नई सरकार शपथ ले लेगी। वहीं चुनाव के बाद भारत में जो कोई PM बनेगा, उसके लिये अगले कुछ माह बेहद व्यस्त रहनेवाले हैं। देश-विदेश में कई चुनौतियों से निपटना होगा। विदेशी दौरों का शिड्यूल भी काफी टाइट रहनेवाला है। नये प्रधानमंत्री के लिए आगामी कुछ महीने थोड़े हेक्टिक रहने वाले हैं। जिसके चलते नये प्रधानमंत्री को ताबड़तोड़ विदेश दौरे करने होंगे। सूत्र बताते हैं कि नये प्रधानमंत्री के लिए इस साल आठ अनिवार्य विदेशी दौरों की संभावना है। इसमें सबसे पहला दौरा इटली का हो सकता है, क्योंकि इस साल इटली 13 से 15 जून तक जी7 देशों की मेजबानी कर रहा है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने खुद अप्रैल के आखिर में प्रधानमंत्री मोदी को इटली आने का न्योता दिया था।
गुजरे 10 साल में कभी चैन से नहीं बैठा विदेश विभाग
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से आई खबरों के अनुसार गुजरे 10 सालों में प्रधानमंत्री मंत्री नरेंद्र मोदी का फोकस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की इमेज को मजबूत करना रहा है। कुछेक अपवादों को छोड़ दें, तो प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति की पूरी दुनिया कायल है। PM मोदी की छवि विदेश में एक मजबूत नेता के तौर पर रही है। उनके ही नेतृत्व में भारत ने ग्लोबल साउथ का लीडर बनने की तरफ कदम भी बढ़ा दिये हैं। जी20 में भारत की मेजबानी का जलवा पूरी दुनिया देख ही चुकी है। पीएम मोदी के 10 सालों के कार्यकाल में भारतीय विदेश विभाग शायद ही कभी आराम से बैठा होगा।
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