Garhwa(Nityanand Dubey) : कड़ाके की ठंड, सिहरन भरी हवा और शीतलहर की मार। ऐसे वक्त में जूटी गांव की गलियों में जब प्रशासन की गाड़ी रुकी, तो उम्मीद, अपनापन और इंसानी गर्माहट भी साथ आई। जिला प्रशासन द्वारा संचालित “आइये खुशियां बांटें” अभियान के तहत जूटी गांव में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने ठंडे मौसम में दिलों को गर्म कर दिया इस कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की टीम ने गांव में रह रहे प्रवासी मजदूर परिवारों तक पहुंचकर बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं को सर्दी से बचाव के लिये स्वेटर, जैकेट, शॉल, कंबल और अन्य ऊनी वस्त्र बांटे। नये कपड़े हाथ में आते ही बच्चों की आंखों में चमक लौट आई और बुजुर्गों की आंखें कृतज्ञता से नम हो उठीं। दिन-रात संघर्ष कर गुजर-बसर करने वाले इन परिवारों के लिये यह मदद सर्द रातों का सहारा बन गई। कई परिवारों ने कहा कि अब बच्चों को ठंड में कांपते देखना नहीं पड़ेगा।
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान केवल वस्त्र वितरण नहीं, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश है। प्रशासन और समाज के साझा प्रयास से ही बड़ी सामाजिक चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी जरूरतमंद इस ठंड में खुद को अकेला न महसूस करे, यही हमारा संकल्प है। गौरतलब है कि “आइये खुशियां बांटें” अभियान रोज जिले की वंचित बस्तियों, श्रमिक क्षेत्रों, दूरदराज़ गांवों तक पहुंच रहा है।इस मुहिम में स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी अभियान को और मजबूत बना रही है।












