Kohramlive : माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को जिस तौर, तरीके और अंदाज में बड़े आसान तरीके से निपटा दिया गया, इसके पीछे छुपे बड़ा राज बहुत जल्द खुल सकता है। यूपी पुलिस तीनों शूटरों को रिमांड पर लेने वाली है। गिरफ्तार शूटरों ने शुरूआती पूछताछ में पुलिस को केवल इतना बताया कि माफिया डॉन बनने की चाह में तीनों ने सबको हिला देने वाला यह बड़ा कांड किया। वह कब तक छोटे-मोटे शूटर बने रहेंगे। तीनों लवलेश तिवारी, सनी सिंह और अरुण मौर्य का पुराना इतिहास भी बहुत बढ़िया नहीं है। इसमें सनी सिंह बिगड़ैल मिजाज का शौकिया गुंडा है। वहीं लवलेश तिवारी और अरुण मौर्य की गुंडई से आजिज होकर उनके घरवाले उन्हें बाहर का रास्ता दिखा चुके थे। माफिया डॉन अतीक और अशरफ का मर्डर करने के लिये जिन तीन उम्दा किस्म के पिस्टल का इस्तेमाल किया गया, उससे साफ है कि शूटरों के ताल्लुकात बड़े गैंग के साथ हैं। इन्हें दिमाग देने वाले उनके आका के बारे में भी कानाफुसी शुरू हो गई है। अतीक और अशरफ की हत्या में तीन अलग-अलग तरह के पिस्टल का इस्तेमाल हुआ। ऐसे उम्दा पिस्टल का जुगाड़ कर लेना इन तीनों शूटरों की कूवत नहीं थी। इसमें तुर्किये में बनी 9 एमएम पिस्टल गिरसान, 9 एमएम पिस्टल जिगाना और तीसरा देशी पिस्टल 7.62 शामिल है। इसका दाम 4 से 9 लाख रुपये तक है। जिगाना पिस्टल भारत में बैन है। इसे पाकिस्तान के रास्ते भारत में सप्लाई किया जाता है।
वहीं हत्याकांड में इस्तेमाल बाइक भी बहुत पुरानी निकली। जांच से खुलासा हुआ है कि UP70M7337 नंबर की बाइक सरदार अब्दुल मन्नान खान के नाम से रजिस्टर्ड है। यह नंबर हीरो होंडा की पुरानी गाड़ी CD-100ss बाइक पर अंकित है। इसे तीन जुलाई 1998 को कैश देकर खरीदा गया था। बाइक कहां से लाई गई थी और किसने शूटरों तक पहुंचाई, इस बिंदु पर तहकीकात जारी है। अलग-अलग दिशा से प्रयागराज के एक होटल में जुटे शूटरों ने करीब दो रोज तक माफिया अतीक और अशरफ को फॉलो किया। वहीं उनके करीब तक पहुंचने का जो तरीका अपनाया, वो भी चौंकाने वाला ही निकला। फर्जी रिपोर्टर बनकर दोनों को ठोंक डाला। यह पुलिस के लिये एक सबक भी है। शूटरों को अच्छे तरीके से पता था कि पुलिस कस्टडी में रहे अतीक और अशरफ के नजदीक पहुंचने का सबसे आसान रास्ता मीडिया का चोला है। यही कारण है कि तीनों ने नकली कैमरा, माइक आईडी और आईकार्ड बनवा लिया।
माफिया भाईयों के मारे जाने के बाद से छाई खामोशी भी पुलिस की चिंता बढ़ा रही है। वहीं पूरे यूपी में पुलिस हाई अलर्ट पर है। सुरक्षा के लिहाज से दिग्गज मंत्रियों तक ने अपना सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिया है। CM योगी आदित्यनाथ ने पल-पल की जानकारी अपने आला अधिकारियों से ले रहे हैं। अबतक के अनुसंधान में जो बातें सामने आई है, उसके अनुसार शूटर सनी सिंह उर्फ रोहित कासगंज का रहनेवाला है। वहीं अरुण मौर्य हमीरपुर और लवलेश तिवारी बांदा का रहनेवाला है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कुछ लोगों का दावा है कि शूटरों को बतौर सुपारी भी मोटी रकम दी गई। हालांकि अबतक उनके पास या उनकी निशानदेही पर पुलिस को ऐसा कुछ भी हाथ नहीं लगा है, जिससे इस बात में दम लगे।
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