Ranchi : रांची की हवा में इन दिनों खेलों की सरगर्मी है। राजधानी रांची एक बार फिर बड़े खेल महाकुंभ की मेजबानी करने जा रही है। 27 से 30 सितंबर तक मोरहाबादी स्थित बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम देशभर के धावकों, जम्पर्स और थ्रोअर्स का रणक्षेत्र बनेगा। चार दिनों तक स्पीड, स्ट्रेंथ और स्टैमिना का संगम देखने को मिलेगा। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ और झारखंड एथलेटिक्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में देशभर से 756 एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। इनमें से 75 खिलाड़ी एलीट कैटेगरी के हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर चुके हैं। 100 मीटर स्प्रिंट, 4×100 मीटर रिले, 400 मीटर मिक्स रिले, इन मुकाबलों में रोमांच अपने चरम पर रहने वाला है, क्योंकि यहीं से भारत की स्प्रिंट टीम का चयन होगा। सभी खिलाड़ी रांची पहुंच चुके हैं। होटलों में ठहरने से लेकर सुरक्षा, भोजन, परिवहन और मेडिकल सुविधाओं तक हर इंतजाम दुरुस्त है। भारतीय टीम के चीफ कोच राधा कृष्ण खुद मौजूद रहेंगे और खिलाड़ियों का हौंसला अफजाई करेंगे। बारिश से महकते मोरहाबादी मैदान पर चार दिनों तक ताली, शोर और जयकारों की गूंज सुनाई देगी। राजधानी के खेलप्रेमी देश के सबसे तेज धावकों को ट्रैक पर उड़ते देखेंगे और भारत के भविष्य के सितारों के जन्म के गवाह बनेंगे।
आयोजन समिति के प्लानिंग कमेटी अध्यक्ष डॉ. मधुकांत पाठक ने प्रेस क्रांफेंस में साफ कहा कि झारखंड में प्रतिभा की कमी नहीं, लेकिन सुविधाओं की कमी और अवसरों के अभाव में खिलाड़ी पलायन कर रहे हैं। कई झारखंडी खिलाड़ी अब दूसरे राज्यों से खेलते हुये चमक रहे हैं। फिर भी उम्मीद की किरण है, यह आयोजन नई पीढ़ी को प्रेरित करेगा, ताकि कल के स्टार यहीं से निकलें।
विदेशी खिलाड़ियों की दस्तक
इस बार चैंपियनशिप को अंतरराष्ट्रीय रंग देने के लिये मलेशिया के 16 खिलाड़ियों के आने की संभावना है। अगर वे उतरते हैं तो भारतीय धावकों को कड़ी चुनौती मिलेगी और मुकाबले और रोमांचक हो जायेंगे। 2018 में खेलगांव में हुये इस आयोजन ने रांची को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान दी थी।






