Garhwa(Nityanand Dubey) : हाथों में झाड़ू, चेहरे पर पसीना और दिल में अपने शहर के लिये फिक्र। बुधवार को गढ़वा में एक दृश्य ऐसा बना, जिसने प्रशासन और समाज के बीच की दूरी मिटा दी। सदर SDO संजय कुमार की अनूठी पहल ‘कॉफी विद एसडीएम’ में आज मेहमान शहर के वे नायक बने, जिनके श्रम से गढ़वा साफ, सुंदर और जीवंत है, स्वच्छता कर्मी। SDO कार्यालय में न कोई औपचारिक फाइलें, न अफसरशाही का बोझ, बल्कि 70 से अधिक महिला और पुरुष स्वच्छता कर्मी कॉफी की चुस्की के साथ दिल से दिल की बातें। पूरा माहौल किसी सरकारी बैठक से ज़्यादा परिवार के मिलन जैसा नजर आया। कर्मियों ने खुलकर कहा, संजय कुमार का व्यवहार हमेशा अभिभावक जैसा रहा है। नगर परिषद में कार्यपालक पदाधिकारी रहते हुये भी वे कर्मियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहे।
बच्चों के सपनों को दिया पंख
SDO संजय कुमार ने एक ऐसी बात कही, जो दिल तक उतर गई, “यह सोच मन से निकाल दीजिये कि सफाई कर्मी का बच्चा सिर्फ सफाई कर्मी ही बनेगा। अगर आप बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान देंगे, तो वे भी बड़े अधिकारी, डॉक्टर और इंजीनियर बन सकते हैं।” SDO ने अपील की कि स्वच्छता कर्मी शहर की हर गली में जाते हैं, इसलिए वे प्रशासन की आंख और कान बन सकते हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें, पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जायेगी। कर्मियों ने अनियमित मानदेय, सेवा-निवृत्ति लाभ जैसी समस्यायें रखीं। टंडवा स्थित स्वीपर मोहल्ला में बिजली मीटर न होने की शिकायत पर लिखित आवेदन देने को कहा गया।
‘आइये खुशियां बांटें’ के साथ अपनापन
कार्यक्रम के अंत में ‘आइये खुशियां बांटें’ मुहिम के तहत सभी कर्मियों को गर्म कपड़े भेंट किये गये। वहीं, आने वाले नववर्ष की शुभकामनायें भी दी गई। मौके पर नगर परिषद के स्वच्छता सुपरवाइजर, साबिर अंसारी, कंचन प्रसाद
रविंद्र पासवान, अनिल कुमार, अखिलेश राम मौजूद थे।






